BJP में नए प्रदेश प्रभारी नियुक्त, स्मृति ईरानी को मिली दो राज्यों की जिम्मेदारी
BJP का संगठनात्मक बदलाव
भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने बुधवार को अपने संगठन में महत्वपूर्ण बदलाव करते हुए सभी 28 राज्यों और 8 केंद्र शासित प्रदेशों के लिए नए प्रदेश प्रभारी और सह-प्रभारी नियुक्त किए। बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने इन नियुक्तियों को स्वीकृति दी। इस फेरबदल में पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी को हरियाणा और छत्तीसगढ़ का प्रभारी बनाया गया है, जबकि विनोद तावड़े को उत्तर प्रदेश की जिम्मेदारी सौंपी गई है। पार्टी ने कई वरिष्ठ नेताओं को महत्वपूर्ण राज्यों की जिम्मेदारी दी है।
उत्तर प्रदेश की जिम्मेदारी विनोद तावड़े के पास
बीजेपी ने उत्तर प्रदेश में विनोद तावड़े की नियुक्ति को औपचारिक रूप से मंजूरी दे दी है। तावड़े के साथ जगदीश पटेल, मेधा कुलकर्णी, प्रदीप वर्मा और अनंत ओझा को सह-प्रभारी बनाया गया है। इससे पहले अगस्त में तावड़े को उत्तर प्रदेश का प्रभारी नियुक्त किए जाने की घोषणा की गई थी। इस जिम्मेदारी का महत्व इसलिए भी बढ़ गया है क्योंकि राज्य में 2027 में विधानसभा चुनाव प्रस्तावित हैं।
स्मृति ईरानी को दो राज्यों की जिम्मेदारी
स्मृति ईरानी को हरियाणा और छत्तीसगढ़ का प्रभारी बनाया गया है। इन दोनों राज्यों में संगठनात्मक गतिविधियों की निगरानी और पार्टी नेतृत्व के साथ समन्वय की जिम्मेदारी अब उनके पास होगी। छत्तीसगढ़ में उनके साथ सिद्धार्थ शंभू को सह-प्रभारी नियुक्त किया गया है।
उत्तराखंड में कोर ग्रुप की बैठक
बीजेपी ने उत्तराखंड में राम माधव को प्रभारी, जबकि अरविंद मेनन और बांसुरी स्वराज को सह-प्रभारी नियुक्त किया है। उत्तराखंड बीजेपी के कोर ग्रुप की बैठक 25 सितंबर को प्रस्तावित है, जिसमें आगामी राज्यसभा चुनाव के लिए पार्टी की तैयारियों पर चर्चा होगी।
राज्यसभा चुनाव की तारीखें
चुनाव आयोग ने उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की कुल 11 राज्यसभा सीटों के लिए द्विवार्षिक चुनाव कार्यक्रम की घोषणा की है। इनमें उत्तर प्रदेश की 10 और उत्तराखंड की एक सीट शामिल है। इसके अलावा, पश्चिम बंगाल की एक खाली राज्यसभा सीट पर उपचुनाव भी 16 अक्टूबर को होगा।
पश्चिम बंगाल में उपचुनाव
पश्चिम बंगाल की एक राज्यसभा सीट पर उपचुनाव भी 16 अक्टूबर को होगा। यह सीट तृणमूल कांग्रेस की रुक्मिणी मल्लिक के इस्तीफे के बाद खाली हुई है। बीजेपी का यह संगठनात्मक फेरबदल ऐसे समय में हुआ है जब कई राज्यों में 2027 के विधानसभा चुनावों की तैयारियां चल रही हैं।