BRICS समिट 2026: भारत की अध्यक्षता में चार प्रमुख मुद्दों पर चर्चा
BRICS समिट का दूसरा दिन
नई दिल्ली: भारत में आयोजित हो रहा 18वां BRICS समिट आज अपने दूसरे दिन में प्रवेश कर रहा है। सम्मेलन के ओपन सेशन में BRICS देशों के नेता अपने विचार साझा करेंगे। इस दौरान भारत की BRICS अध्यक्षता के तहत चार महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की जाएगी, जिनमें Resilience, Innovation, Cooperation और Sustainability शामिल हैं।
चार प्रमुख मुद्दों का महत्व
इन चार मुद्दों को नई दिल्ली घोषणापत्र में प्रमुखता से शामिल किया गया है। BRICS देश आर्थिक मजबूती, तकनीकी विकास, आपसी सहयोग और पर्यावरण संतुलन पर जोर दे रहे हैं।
1. Resilience: आर्थिक झटकों से सुरक्षा
पहला स्तंभ Resilience है, जिसका उद्देश्य BRICS देशों को बाहरी आर्थिक झटकों से कम प्रभावित करना है। इसके लिए मजबूत सप्लाई चेन, स्थानीय मुद्राओं का उपयोग और व्यापार के नए विकल्पों पर ध्यान दिया जा रहा है। इसका मतलब यह नहीं है कि वैश्विक वित्तीय व्यवस्था को तुरंत बदलने का प्रयास किया जा रहा है, बल्कि BRICS देश चाहते हैं कि किसी एक देश या व्यवस्था पर उनकी निर्भरता कम हो।
2. Innovation: तकनीकी क्षेत्र में मजबूती
दूसरा महत्वपूर्ण स्तंभ Innovation है। आज आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और नई तकनीकें आर्थिक विकास के साथ-साथ किसी देश की ताकत बन चुकी हैं। BRICS देश तकनीक के क्षेत्र में आपसी सहयोग बढ़ाना चाहते हैं और नई तकनीकों के उपयोग के लिए आवश्यक कौशल और प्रशिक्षण पर भी ध्यान दे रहे हैं। भारत का डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर इस दिशा में एक महत्वपूर्ण उदाहरण है।
3. Cooperation: ग्लोबल साउथ की आवाज
तीसरा स्तंभ Cooperation है। BRICS के विस्तार के साथ इसमें कई उभरती और विकासशील अर्थव्यवस्थाएं शामिल हैं। इन देशों का मानना है कि मौजूदा वैश्विक संस्थानों में विकासशील देशों को पर्याप्त प्रतिनिधित्व नहीं मिलता। BRICS उन्हें एक साथ अपनी बात रखने का मंच प्रदान करता है, जिसका मुख्य उद्देश्य ग्लोबल साउथ की आवाज को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूत करना है।
4. Sustainability: पर्यावरण और विकास का संतुलन
चौथा स्तंभ Sustainability है, जो आर्थिक विकास और जलवायु परिवर्तन से संबंधित है। विकासशील देशों के सामने यह चुनौती है कि वे अपनी अर्थव्यवस्था को तेजी से बढ़ाएं, जबकि पर्यावरण को भी नुकसान न पहुंचे। इसके लिए हरित तकनीक, जलवायु वित्त और आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता महत्वपूर्ण है। BRICS देशों का मानना है कि सभी देशों की परिस्थितियां समान नहीं हैं, इसलिए जलवायु नीतियों का निर्माण करते समय विकासशील देशों की आवश्यकताओं और आर्थिक स्थिति को ध्यान में रखना आवश्यक है।
BRICS की रणनीति के चार स्तंभ
नई दिल्ली घोषणापत्र के ये चार स्तंभ BRICS की भविष्य की प्राथमिकताओं को स्पष्ट करते हैं। Resilience आर्थिक मजबूती पर, Innovation तकनीकी विकास पर, Cooperation ग्लोबल साउथ की आवाज पर और Sustainability विकास के साथ पर्यावरण संतुलन पर जोर देता है।