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CBI ने भगवंत मान के OSD राजबीर घुम्मन को समन किया

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के OSD राजबीर घुम्मन को CBI ने भ्रष्टाचार के मामले में समन किया है। CBI ने उनके कार्यालय और अन्य स्थानों पर छापेमारी की, जिसमें कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए गए। इस मामले में छह लोगों के खिलाफ FIR भी दर्ज की गई है। हाईकोर्ट के आदेश पर शुरू हुई इस जांच में पंजाब सरकार ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। जानें इस मामले की पूरी जानकारी और इसके पीछे की कहानी।
 

CBI द्वारा राजबीर घुम्मन का समन


पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के ऑफिसर ऑन स्पेशल ड्यूटी (OSD) राजबीर सिंह घुम्मन को केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने भ्रष्टाचार से संबंधित मामले में पूछताछ के लिए समन किया है। उन्हें बुधवार को चंडीगढ़ के CBI कार्यालय में 2:30 बजे पेश होने के लिए कहा गया है। CBI ने मंगलवार को मुख्यमंत्री के चंडीगढ़ स्थित कैंप ऑफिस और राजबीर घुमन से जुड़े कई स्थानों पर छापेमारी की थी। इस कार्रवाई में पंजाब और चंडीगढ़ के कुल आठ स्थानों पर तलाशी ली गई।


छापेमारी के दौरान जब्त सामग्री

सीबीआई ने जिन स्थानों पर छापेमारी की, उनमें चंडीगढ़ का मुख्यमंत्री कैंप ऑफिस, संगरूर के घराचों गांव में घुमन का निवास और मोहाली के फेज-11 में उनके एक रिश्तेदार का परिसर शामिल था। इसके अलावा पटियाला, जालंधर, लुधियाना और गुरदासपुर में भी तलाशी ली गई। सीबीआई ने इस दौरान लैपटॉप, मोबाइल फोन और दस्तावेज जब्त किए हैं, जिनकी जांच रिश्वतखोरी और सरकारी कार्यों में अनियमितताओं के संभावित सबूतों के लिए की जा रही है।


छह लोगों के खिलाफ FIR दर्ज

CBI ने हाईकोर्ट के निर्देश पर इस मामले में छह व्यक्तियों के खिलाफ FIR दर्ज की है। इनमें OSD राजबीर सिंह घुम्मन के अलावा नितिन गोहल, जितिन गोहल उर्फ राजा, रोमी राजा महाजन, बीर देविंदर और आरएस नागरा शामिल हैं। FIR में कुछ अज्ञात सरकारी और निजी व्यक्तियों का भी उल्लेख है। CBI की जांच में आरोपों का केंद्र सरकारी अधिकारियों की पोस्टिंग, ट्रांसफर, विभागीय कार्यवाही, नीतिगत फैसलों, प्रशासनिक मंजूरियों, टेंडर शर्तों, लाइसेंसिंग और भूमि से संबंधित मामलों में प्रभाव का इस्तेमाल है।


हाईकोर्ट के आदेश पर CBI जांच

यह मामला पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के 5 अक्टूबर 2026 के आदेश के बाद शुरू हुआ। अदालत ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा पंजाब पुलिस को भेजी गई जानकारी के आधार पर CBI को FIR दर्ज करने और निष्पक्ष जांच करने का निर्देश दिया था। हाईकोर्ट ने CBI को दो महीने के भीतर स्टेटस रिपोर्ट पेश करने का भी आदेश दिया।


पंजाब सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में अपील की

हाईकोर्ट के CBI जांच के आदेश के खिलाफ पंजाब सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका (SLP) दायर की है। राज्य सरकार ने तत्काल सुनवाई की मांग की है, जिस पर अदालत ने संकेत दिया है कि मामले पर बुधवार या गुरुवार को विचार किया जा सकता है। यह मामला ED द्वारा पंजाब के DGP को भेजे गए पत्रों से शुरू हुआ, जिसमें आरोप लगाया गया था कि नितिन गोहल सरकारी कार्यों में इच्छुक लोगों और OSD राजबीर घुमन के बीच मध्यस्थ की भूमिका निभाता था।