×

CJP और सरकार के बीच बैठक: प्रदर्शनकारियों को राहत देने का आश्वासन

CJP और सरकार के बीच हुई बैठक में प्रदर्शनकारियों को कानूनी राहत देने का आश्वासन दिया गया है। सौरव दास ने बताया कि सरकार ने विभिन्न राज्यों में नोटिफिकेशन जारी करने का भरोसा दिया है। बैठक के बाद, CJP ने कहा कि वे प्रदर्शनकारियों के खिलाफ किसी भी कार्रवाई का सामना नहीं करने देंगे। हालांकि, पार्टी ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं होती हैं, तो आंदोलन फिर से शुरू किया जा सकता है। जानें इस महत्वपूर्ण बैठक के सभी पहलुओं के बारे में।
 

नई दिल्ली में महत्वपूर्ण बैठक


नई दिल्ली: देर रात CJP के नेताओं और सरकार के प्रतिनिधियों के बीच हुई लंबी बैठक के बाद, पार्टी ने प्रदर्शनकारियों के लिए एक महत्वपूर्ण घोषणा की है। CJP का कहना है कि सरकार ने विभिन्न राज्यों में ऐसे नोटिफिकेशन जारी करने का आश्वासन दिया है, जिससे प्रदर्शनकारियों को कानूनी कार्रवाई से राहत मिलेगी। बैठक के बाद, मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने सोशल मीडिया पर जानकारी साझा की, जिसमें कहा गया कि सरकार ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज मामलों को वापस लेने, हिरासत में लिए गए लोगों को रिहा करने और अन्य राज्यों में भी सुरक्षा उपाय लागू करने की प्रतिबद्धता जताई है।


बैठक में क्या चर्चा हुई?

सौरव दास के अनुसार, प्रेस कॉन्फ्रेंस के कुछ घंटे बाद, सरकार के प्रतिनिधियों ने CJP नेताओं से मुलाकात की। यह बैठक लगभग दो से तीन घंटे तक चली। इस दौरान, बिहार और असम सरकार द्वारा जारी दस्तावेजों की प्रतियां साझा की गईं, जिनमें प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज एफआईआर वापस लेने, भविष्य में कोई कार्रवाई न करने और हिरासत में लिए गए लोगों की रिहाई का उल्लेख था।


CJP का आश्वासन

बैठक के बाद, सौरव दास ने कहा कि सरकार ने आश्वासन दिया है कि केंद्र सरकार और अन्य भाजपा एवं एनडीए शासित राज्यों की ओर से भी इसी तरह के नोटिफिकेशन जारी करने की प्रक्रिया में तेजी लाई जाएगी। उन्होंने कहा कि पार्टी यह सुनिश्चित करने का प्रयास जारी रखेगी कि किसी भी प्रदर्शनकारी को कानूनी कार्रवाई का सामना न करना पड़े। उनका कहना था कि 'कोई प्रदर्शनकारी अकेला नहीं छोड़ा जाएगा।'


प्रदर्शन फिर से शुरू करने की चेतावनी

सोमवार को CJP ने आरोप लगाया था कि बातचीत के दौरान हुए समझौते का पूरी तरह पालन नहीं किया जा रहा है। पार्टी के प्रवक्ता आशीष रांका ने कहा कि कुछ राज्यों में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई जारी है। उन्होंने सभी एफआईआर वापस लेने, हिरासत में लिए गए छात्रों को रिहा करने और भविष्य में नए मामले दर्ज नहीं करने की मांग की थी। साथ ही चेतावनी दी थी कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं होती हैं, तो आंदोलन फिर से शुरू किया जा सकता है।


राजस्थान के लिए भी आश्वासन

देर रात जारी एक अन्य बयान में, सौरव दास ने कहा कि बिहार और असम के बाद राजस्थान के लिए भी आश्वासन मिला है। उनके अनुसार, पार्टी को बताया गया है कि राजस्थान में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होगी और न ही कोई एफआईआर दर्ज की जाएगी। उन्होंने कहा कि अन्य राज्यों में भी इसी तरह के स्पष्ट नोटिफिकेशन जारी कराने के प्रयास जारी हैं।


आंदोलन पर विराम

CJP का कहना है कि फिलहाल सरकार के आश्वासनों के बाद नए विरोध प्रदर्शन का निर्णय टाल दिया गया है। पार्टी ने दोहराया कि वह शुरुआत से प्रदर्शनकारियों के साथ खड़ी रही है और आगे भी उनकी सुरक्षा सुनिश्चित कराने के लिए सरकार के साथ बातचीत जारी रखेगी। पार्टी का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि भविष्य में किसी भी प्रदर्शनकारी को कानूनी परेशानियों का सामना न करना पड़े।