DMK का घोषणापत्र: स्वास्थ्य, शिक्षा और आवास पर जोर
मुख्यमंत्री एमके स्टालिन का घोषणापत्र
नई दिल्ली: तमिलनाडु में चुनावी गतिविधियों के बीच, मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने DMK का घोषणापत्र प्रस्तुत किया है। चेन्नई में आयोजित एक कार्यक्रम में, उन्होंने कई जनकल्याणकारी वादों की घोषणा की, जिसमें स्वास्थ्य, शिक्षा और सामाजिक योजनाओं को सुदृढ़ करने पर विशेष ध्यान दिया गया है। इस घोषणापत्र के माध्यम से आम जनता, विशेषकर महिलाओं, किसानों और छात्रों को राहत प्रदान करने का प्रयास किया गया है।
स्वास्थ्य बीमा योजना में वृद्धि
घोषणापत्र में मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत मिलने वाली राशि को दोगुना करने का वादा किया है। पहले यह राशि 5 लाख रुपये सालाना थी, जिसे अब बढ़ाकर 10 लाख रुपये किया गया है। सरकार का मानना है कि इससे गरीब और मध्यम वर्ग के लोगों को चिकित्सा खर्च में काफी राहत मिलेगी और उन्हें बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्राप्त होंगी।
महिलाओं और छात्रों के लिए नई योजनाएं
महिलाओं के लिए भी महत्वपूर्ण घोषणाएं की गई हैं। स्टालिन ने कहा कि महिलाओं को दी जाने वाली मासिक सहायता राशि को 2,000 रुपये करने का निर्णय लिया गया है। इसके साथ ही, मुख्यमंत्री ने नाश्ता योजना का विस्तार करते हुए इसे कक्षा 8वीं तक के छात्रों के लिए लागू करने का वादा किया है, जिससे बच्चों के पोषण स्तर में सुधार हो सके और स्कूलों में उपस्थिति बढ़े।
आवास और शिक्षा में नई पहल
शिक्षा के क्षेत्र में भी सरकार ने नई पहलों का आश्वासन दिया है। छात्राओं के लिए उच्च शिक्षा अनुदान को 1,000 रुपये से बढ़ाकर 1,500 रुपये प्रति माह करने की घोषणा की गई है। इसके अलावा, किसानों के लिए मुफ्त बिजली योजना के तहत आधुनिक, बिना मीटर वाले पंपसेट प्रदान करने की बात कही गई है। आवास के क्षेत्र में, सरकार ने अगले पांच वर्षों में 10 लाख नए घर बनाने का लक्ष्य रखा है।
CM स्टालिन का विकास का दावा
स्टालिन ने अपने संबोधन में कहा कि उनकी सरकार ने तमिलनाडु को विकास के मामले में अग्रणी राज्यों में शामिल किया है। उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में जनहित की योजनाओं को प्राथमिकता दी जाएगी और राज्य को और आगे बढ़ाने का प्रयास जारी रहेगा।
DMK का चुनावी रणनीति
रिपोर्टों के अनुसार, DMK 234 में से 164 सीटों पर चुनाव लड़ेगी, जबकि 70 सीटें सहयोगी पार्टियों के लिए आरक्षित रखी गई हैं। CM एमके स्टालिन कोलाथुर विधानसभा सीट से अपनी किस्मत आजमाएंगे। DMK ने कुल 234 में से 164 सीटों पर चुनाव लड़ने का निर्णय लिया है, जबकि 70 सीटें सहयोगी दलों को दी गई हैं। कांग्रेस को सबसे अधिक 28 सीटें मिली हैं, और अन्य सहयोगी दलों को भी उनकी ताकत के अनुसार हिस्सेदारी दी गई है, जिससे गठबंधन मजबूत दिखाई दे रहा है।