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INDIA गठबंधन की रणनीति: मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने की मांग

INDIA गठबंधन आगामी संसद सत्र से पहले मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग को लेकर मॉक पार्लियामेंट आयोजित करने की योजना बना रहा है। विपक्षी दल इस कार्यक्रम में चुनाव आयोग की निष्पक्षता और मतदाता सूची में बदलाव जैसे मुद्दों पर चर्चा करेंगे। 1 नवंबर को दिल्ली में होने वाली रैली में भी इस मुद्दे को उठाने की संभावना है। जानें इस संवैधानिक प्रक्रिया के बारे में और क्या कदम उठाए जा रहे हैं।
 

INDIA गठबंधन की तैयारी

संसद के आगामी सत्र से पहले, INDIA गठबंधन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को उनके पद से हटाने की मांग को लेकर अपनी रणनीति बना रहा है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, विपक्षी दल एक मॉक पार्लियामेंट का आयोजन करने की योजना बना रहे हैं। हालांकि, 24 अक्टूबर तक उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इस कार्यक्रम की तारीख 28 अक्टूबर निर्धारित की गई है, लेकिन आयोजन स्थल की पुष्टि अभी तक नहीं हुई है।


मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ आरोप

CEC को पद से हटाने की प्रक्रिया पर चर्चा

इस प्रस्तावित कार्यक्रम में विपक्षी दल मुख्य चुनाव आयुक्त पर लगाए गए आरोपों को सार्वजनिक रूप से पेश कर सकते हैं और उन्हें हटाने की मांग कर सकते हैं। इसका उद्देश्य चुनाव प्रक्रिया और चुनाव आयोग की निष्पक्षता से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करना है। विपक्षी दलों ने मतदाता सूची में बदलाव और चुनावी पारदर्शिता को लेकर भी सवाल उठाए हैं।


1 नवंबर की रैली की तैयारी

1 नवंबर की रैली से पहले रणनीति

मॉक पार्लियामेंट की योजना उस समय आई है जब विपक्षी दल 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में एक संयुक्त रैली की तैयारी कर रहे हैं। इस रैली में मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग उठाए जाने की संभावना है। गठबंधन के नेता आंदोलन को आगे बढ़ाने के विभिन्न तरीकों पर विचार कर रहे हैं।


संविधानिक प्रक्रिया की जानकारी

CEC को हटाने की संवैधानिक प्रक्रिया

मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने की प्रक्रिया सामान्य राजनीतिक प्रस्ताव से भिन्न है। संविधान के अनुच्छेद 324(5) के तहत, उन्हें सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश के समान प्रक्रिया से ही हटाया जा सकता है। इसके लिए संसद के दोनों सदनों में विशेष बहुमत से प्रस्ताव पारित होना आवश्यक है। मॉक पार्लियामेंट का आयोजन वास्तविक संवैधानिक प्रक्रिया का विकल्प नहीं होगा।