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LPU हिंसा मामले में पुलिस की कार्रवाई, चार FIR दर्ज

लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी में हाल ही में हुई हिंसा के मामले में फगवाड़ा पुलिस ने चार FIR दर्ज की हैं। तीन संदिग्धों को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया गया है। पुलिस डिजिटल साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर जांच कर रही है। इस घटना के पीछे सोशल मीडिया पर वायरल हुए यौन उत्पीड़न के दावे भी शामिल हैं। जानें इस मामले में और क्या हो रहा है और पुलिस की कार्रवाई के बारे में।
 

LPU हिंसा मामले में पुलिस की कार्रवाई

लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) में 27 और 28 सितंबर को हुई हिंसा के मामले में फगवाड़ा पुलिस ने अपनी कार्रवाई को तेज कर दिया है। इस सिलसिले में चार FIR दर्ज की गई हैं। पुलिस ने तीन संदिग्धों को अदालत में पेश किया, जहां उन्हें तीन दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा गया। जांच में पुलिस डिजिटल साक्ष्यों, वीडियो और गवाहों के बयानों का सहारा ले रही है।


FIR में नामजद आरोपी

पुलिस के अनुसार, चार FIR में से FIR नंबर 163 में 19 व्यक्तियों को नामजद किया गया है, जिनमें मोहम्मद फरहत का नाम भी शामिल है। पुलिस सोशल मीडिया पर उपलब्ध वीडियो और अन्य डिजिटल सामग्री की जांच कर रही है। इस दौरान, तीन आरोपियों की पहचान जेम्स दहिया, गगन और कमल के रूप में हुई है, जिन्हें अदालत में पेश किया गया। अदालत ने उन्हें तीन दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है।


पुलिस वाहनों में आगजनी का मामला

फगवाड़ा के थाना सदर में 28 सितंबर को FIR नंबर 105 दर्ज की गई, जो सड़क और यातायात में बाधा से संबंधित है। इस मामले में अज्ञात व्यक्तियों को आरोपी बनाया गया है। इसी थाने में FIR नंबर 106 भी दर्ज की गई, जो पुलिस वाहनों में आगजनी से संबंधित है। पुलिस अब घटनास्थल से मिले वीडियो और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान करने में जुटी है।


सोशल मीडिया पर वायरल दावों का प्रभाव

LPU में हिंसा से पहले एक छात्रा के साथ यौन उत्पीड़न से जुड़े दावे सोशल मीडिया पर वायरल हुए थे। इन दावों के बाद छात्रों ने विरोध प्रदर्शन किया, जो बाद में तोड़फोड़ और पुलिस के साथ झड़प में बदल गया। पुलिस ने यौन अपराध के आरोपों की भी जांच शुरू की है और SIT गठित करने की रिपोर्ट सामने आई है। LPU प्रशासन ने इन दावों को निराधार बताया है।


CCTV और डिजिटल साक्ष्यों की जांच

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, जांच में CCTV फुटेज, सोशल मीडिया पर उपलब्ध वीडियो और गवाहों के बयानों का उपयोग किया जा रहा है। अधिकारियों ने संकेत दिया है कि जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर FIR में अतिरिक्त धाराएं जोड़ी जा सकती हैं। LPU ने भी परिसर में सुरक्षा और अनुशासन से संबंधित मामलों की आंतरिक जांच शुरू की है।