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NDA की स्थिति मजबूत, राज्यसभा में बहुमत के लिए 18 सांसदों की आवश्यकता

आम आदमी पार्टी के सांसदों के भाजपा में शामिल होने से एनडीए की स्थिति राज्यसभा में मजबूत हुई है। राघव चड्ढा सहित 7 सांसदों ने पार्टी छोड़कर भाजपा का दामन थाम लिया है। इससे एनडीए को बहुमत के लिए केवल 18 सांसदों की आवश्यकता रह गई है। जानें इस राजनीतिक बदलाव का क्या प्रभाव पड़ेगा और एनडीए की स्थिति में क्या सुधार हुआ है।
 

आप के बागियों से बदले समीकरण


NDA Rajya Sabha, नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी (आप) के सांसदों के भाजपा में शामिल होने से राज्यसभा में एनडीए की स्थिति में सुधार हुआ है। राघव चड्ढा सहित 7 आप सांसदों ने शुक्रवार को भाजपा में शामिल होने की घोषणा की। राघव और अन्य दो सांसदों ने दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में पार्टी छोड़ने की जानकारी दी। राघव ने कहा कि उनके साथ 10 में से 7 सांसद हैं। एनडीए को अन्य सहयोगी दलों का भी समर्थन प्राप्त है।


बहुमत के लिए होती है 163 सांसदों की जरूरत

आप सांसदों के भाजपा में शामिल होने की घोषणा के बाद एनडीए राज्यसभा में बहुमत के करीब पहुंच गया है। राज्यसभा में बहुमत के लिए 163 सांसदों की आवश्यकता होती है और 7 आप सांसदों के भाजपा में शामिल होने के बाद एनडीए के सांसदों की संख्या 145 हो गई है। इसका मतलब है कि अब गठबंधन को बहुमत के लिए केवल 18 सांसदों की आवश्यकता है।


बहुमत का आंकड़ा क्रॉस करना हमेशा चुनौती

राघव और अन्य तीन आप सांसदों के अलावा, भाजपा में शामिल होने वाले सांसदों में स्वाति मालीवाल, राजेन्द्र गुप्ता, हरभजन सिंह और विक्रम साहनी शामिल हैं। राज्यसभा में बहुमत का आंकड़ा पार करना एनडीए के लिए हमेशा चुनौतीपूर्ण रहा है। उच्च सदन में संख्या कम होने के कारण कई बार सरकार को विपक्ष के साथ तालमेल बनाना पड़ता है। अब संख्या 113 तक पहुंचने से यह दर्शाता है कि सरकार के लिए विधेयक पास करवाना पहले की तुलना में आसान हो सकता है। लोकसभा में एनडीए की स्थिति मजबूत है।