NEET-UG 2026 पेपर लीक पर CJP की सख्त मांगें
नई दिल्ली में CJP की चिंताएं
नई दिल्ली: NEET-UG 2026 के पेपर लीक मामले में CBI द्वारा चार्जशीट पेश किए जाने के बाद, कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने राष्ट्रीय परीक्षा प्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। पार्टी के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने NTA को समाप्त करने और उसकी जगह एक नया राष्ट्रीय तकनीकी परीक्षा आयोग स्थापित करने की मांग की है। उनका कहना है कि इस नए आयोग में स्थायी कर्मचारी होने चाहिए और हर परीक्षा की प्रक्रिया तथा उससे जुड़े वेंडरों का नियमित ऑडिट होना चाहिए। CJP ने देश में पहले से मौजूद पेपर लीक मामलों की भी गहन जांच की मांग की है।
परीक्षा प्रणाली में सुधार की आवश्यकता
आशुतोष रांका ने कहा कि NTA के साथ-साथ उसके ढांचे में भी कई गंभीर कमियां हैं। उनके अनुसार, नई संस्था में स्थायी स्टाफ होना अनिवार्य है और परीक्षा प्रक्रिया की नियमित निगरानी आवश्यक है। उन्होंने यह भी कहा कि परीक्षा से संबंधित बुनियादी ढांचे और निजी वेंडरों की भी जांच होनी चाहिए। CJP का मानना है कि बिना मजबूत ऑडिट व्यवस्था के भविष्य में पेपर लीक जैसी घटनाओं को रोकना संभव नहीं होगा।
पुराने पेपर लीक मामलों की जांच
पुराने पेपर लीक की भी जांच
CJP ने NEET-UG 2024 और 2025 के साथ-साथ पिछले कुछ वर्षों में सामने आए पेपर लीक मामलों की दोबारा व्यापक जांच की मांग की है। रांका ने कहा कि जिम्मेदार व्यक्तियों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने परीक्षा प्रणाली में मौजूद संरचनात्मक कमियों को दूर करने की आवश्यकता पर जोर दिया। पार्टी का कहना है कि यह मामला केवल एक परीक्षा या संस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि देश की संपूर्ण परीक्षा प्रणाली में विश्वास बहाल करने से संबंधित है।
CBI चार्जशीट में 13 आरोपी
CBI चार्जशीट में 13 आरोपी
CBI ने दिल्ली की राउज एवेन्यू स्थित विशेष अदालत में चार्जशीट दाखिल की है जिसमें 13 व्यक्तियों को आरोपी बनाया गया है। इनमें NTA से जुड़े तीन विषय विशेषज्ञ भी शामिल हैं। एजेंसी का आरोप है कि इन विशेषज्ञों ने गोपनीय प्रश्नों तक पहुंच का दुरुपयोग किया और उन्हें बिचौलियों तथा कोचिंग से जुड़े लोगों तक पहुंचाया। जांच के अनुसार, ये प्रश्न बाद में विभिन्न राज्यों में नेटवर्क के माध्यम से उम्मीदवारों तक पहुंचे और इसके लिए पैसे लिए गए।
संदिग्ध प्रसार के तरीके
टेलीग्राम और व्हाट्सऐप से हुआ प्रसार
जांच एजेंसी के अनुसार, जब्त किए गए मोबाइल फोन, पेन ड्राइव और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की फॉरेंसिक जांच में प्रश्नों वाली पीडीएफ और इमेज फाइलें मिलीं। CBI ने दावा किया कि परीक्षा से कई दिन पहले ये सामग्री टेलीग्राम, व्हाट्सऐप और अन्य मैसेजिंग प्लेटफॉर्म पर साझा की गई। चार्जशीट में आरोपियों की विभिन्न भूमिकाओं का भी उल्लेख किया गया है। एजेंसी ने उम्मीदवारों और उनके परिवारों के बयान भी जांच में शामिल किए हैं।
चार लाख रुपये में प्रश्नपत्र की पेशकश
4 लाख रुपये में पेपर देने का आरोप
CBI ने एक मामले का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि एक उम्मीदवार और उसके पिता को चार लाख रुपये में NEET-UG 2026 का प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने की पेशकश की गई थी। इसके साथ कोचिंग सहायता और ऑफलाइन रिवीजन क्लास का भी दावा किया गया। एजेंसी के अनुसार, इलेक्ट्रॉनिक सबूत, चैट रिकॉर्ड, दस्तावेज और गवाहों के बयान कथित साजिश की ओर इशारा करते हैं। CJP ने कहा कि इन आरोपों के बाद परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार अब अनिवार्य हो गया है।