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NEET UG 2026 पेपर लीक: सीबीआई ने एक और आरोपी को किया गिरफ्तार

सीबीआई ने NEET UG 2026 परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक मामले में एक और आरोपी, मनीषा संजय हवलदार, को गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी उस समय हुई जब एजेंसी ने लीक हुए प्रश्नों का मिलान वास्तविक प्रश्नपत्र से किया। मनीषा हवलदार को परीक्षा प्रक्रिया में विशेषज्ञ के रूप में शामिल किया गया था, जिससे उन्हें प्रश्नपत्रों तक सीधी पहुंच मिली। इस मामले में अब तक 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। सीबीआई ने देश के विभिन्न शहरों में छापेमारी कर कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए हैं।
 

सीबीआई को मिली नई सफलता


नई दिल्ली: नीट यूजी 2026 परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक मामले में सीबीआई ने एक महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। शुक्रवार को एजेंसी ने जानकारी दी कि एक भौतिकी शिक्षिका को गिरफ्तार किया गया है, जो परीक्षा के प्रश्नपत्र तैयार करने की प्रक्रिया में शामिल थी। उन पर आरोप है कि उन्होंने परीक्षा से पहले फिजिक्स के प्रश्न लीक किए हैं। इस गिरफ्तारी के साथ ही मामले में पकड़े गए आरोपियों की कुल संख्या 11 हो गई है।


गिरफ्तार आरोपी का विवरण

सीबीआई के अनुसार, गिरफ्तार शिक्षिका का नाम मनीषा संजय हवलदार है, जो पुणे के सेठ हीरालाल सर्राफ प्रशाला में कार्यरत हैं। जांच में यह सामने आया है कि राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) ने उन्हें परीक्षा प्रक्रिया में विशेषज्ञ के रूप में शामिल किया था, जिससे उन्हें भौतिकी के प्रश्नपत्रों तक सीधी पहुंच मिली थी।


जांच एजेंसी का दावा है कि मनीषा ने अप्रैल 2026 में परीक्षा से जुड़े कई गोपनीय प्रश्न अपनी सह-आरोपी मनीषा मंधारे के साथ साझा किए थे। मंधारे को सीबीआई ने पहले ही 16 मई को गिरफ्तार किया था। पूछताछ और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर दोनों के बीच प्रश्नों के आदान-प्रदान के सबूत मिले हैं।


सीबीआई की जांच की प्रगति

सीबीआई अधिकारियों के अनुसार, लीक हुए प्रश्नों का मिलान नीट यूजी 2026 के वास्तविक फिजिक्स प्रश्नपत्र से किया गया, जिसमें काफी समानता पाई गई। इसके बाद एजेंसी ने हवलदार की भूमिका को संदिग्ध मानते हुए कार्रवाई की। एजेंसी का मानना है कि वह पूरे पेपर लीक नेटवर्क की एक महत्वपूर्ण कड़ी हो सकती हैं।


इस मामले की जांच के तहत सीबीआई ने देश के विभिन्न शहरों में एक साथ छापेमारी की है। तलाशी के दौरान कई महत्वपूर्ण दस्तावेज, लैपटॉप, मोबाइल फोन और बैंक खातों से जुड़े रिकॉर्ड बरामद किए गए हैं। जब्त किए गए इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि पेपर लीक का नेटवर्क कितना बड़ा था और इसमें कौन-कौन शामिल थे।


सीबीआई की कार्रवाई का आधार

सीबीआई ने बताया कि यह मामला 12 मई 2026 को शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग की शिकायत के बाद दर्ज किया गया था। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि NEET UG 2026 परीक्षा का प्रश्नपत्र परीक्षा से पहले ही लीक हो गया था।


मामला दर्ज होने के बाद, सीबीआई ने विशेष जांच टीमें बनाई और दिल्ली, जयपुर, गुरुग्राम, पुणे, नासिक, लातूर और अहिल्यानगर समेत कई शहरों में अभियान चलाया। फिलहाल, एजेंसी पूरे नेटवर्क की तह तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।