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NIT जालंधर और लघु उद्योग भारती के बीच सहयोग समझौता

डॉ. बी.आर. अंबेडकर राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान, जालंधर और लघु उद्योग भारती ने एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं। इस समझौते का मुख्य उद्देश्य भारतीय MSME को सशक्त बनाना है। दोनों संस्थानों के प्रतिनिधियों ने जमीनी स्तर पर कार्य करने की आवश्यकता पर जोर दिया है। इस पहल में एनआईटी के छात्र और शोधकर्ता भी सक्रिय रूप से भाग लेंगे। जानें इस समझौते के पीछे की पूरी कहानी और इसके संभावित प्रभावों के बारे में।
 

NIT जालंधर का जमीनी स्तर पर कार्य करने का संकल्प

NIT कागज़ी कार्यवाहियों की बजाए जमीनी स्तर पर कार्य करने के पक्षधर है: बिनोद कुमार कनौजिया


जालंधर: डॉ. बी.आर. अंबेडकर राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान, जालंधर और लघु उद्योग भारती ने एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं। इस समझौते का उद्देश्य भारतीय एमएसएमई को सशक्त बनाना है, जिससे एक मजबूत साझेदारी स्थापित हो सके। यह औपचारिकता एनआईटी, जालंधर में दोनों संस्थानों के प्रतिनिधियों की गरिमामय उपस्थिति में संपन्न हुई। लघु उद्योग भारती का प्रतिनिधित्व अखिल भारतीय उपाध्यक्ष एडवोकेट अरविंद धूमल और एनआईटी जालंधर के निदेशक प्रोफेसर बिनोद कुमार कनौजिया ने किया।


इस समझौते के बारे में जानकारी देते हुए लघु उद्योग भारती के मास कम्युनिकेशन बोर्ड, उत्तर क्षेत्र के समन्वयक विक्रांत शर्मा ने बताया कि कनौजिया ने कुटीर, सूक्ष्म, लघु और माध्यम उद्योगों की उन्नति के लिए लघु उद्योग भारती के पदाधिकारियों को आश्वस्त किया कि वे अपने उत्पादों से संबंधित समस्याओं को साझा करें। उन्होंने कहा कि उनकी टीम इन समस्याओं के समाधान में मदद करेगी और उद्योग के विस्तार के लिए भी सहयोग प्रदान करेगी। कनौजिया ने कागज़ी कार्यवाहियों के बजाय जमीनी स्तर पर कार्य करने की आवश्यकता पर जोर दिया।


इस पहल में एनआईटी के छात्र और शोधकर्ता भी सक्रिय रूप से भाग लेंगे। इस अवसर पर रमनीक हांडा (टेक एडॉप्शन वर्टिकल कोऑर्डिनेटर, एलयूबी - पंजाब), पंजाब प्रदेश उपाध्यक्ष हरीश गुप्ता, महासचिव विवेक राठौर, जिलाध्यक्ष जालंधर अनिरुद्ध धीर, महासचिव वरुण भल्ला, कोषाध्यक्ष अभिन्न दीवान, प्रचार प्रभारी अनुज कपूर और एनआईटी की ओर से प्रोफेसर अनीश सचदेवा (रजिस्ट्रार), प्रोफेसर अजय बंसल (डीन, इंडस्ट्री और इंटरनेशनल अफेयर्स), प्रोफेसर रोहित मेहरा (डीन, रिसर्च और कंसल्टेंसी), प्रोफेसर एस के सिन्हा (डीन, फैकल्टी वेलफेयर), प्रोफेसर एस बाजपेयी (डीन, स्टूडेंट वेलफेयर), डॉ. सौरभ कांगो (एसोसिएट डीन आईआईए), प्रोफेसर अजय बंसल (डीन, इंटरनेशनल रिलेशन और इंडस्ट्रियल रिलेशन), प्रोफेसर रोहित मेहरा (डीन, रिसर्च), प्रोफेसर रमन बेदी (डीन, एकेडमिक) और अन्य संकाय सदस्यों ने सक्रिय सहभागिता दर्ज करवाई।