TMC का प्रदर्शन: ईडी की कार्रवाई के खिलाफ कोलकाता से दिल्ली तक मार्च
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का मार्च
तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने ईडी की छापेमारी के खिलाफ अपना विरोध व्यक्त किया है। शुक्रवार को पार्टी ने कोलकाता से लेकर नई दिल्ली तक प्रदर्शन किया। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कोलकाता में एक मार्च का आयोजन किया, जिसमें हजारों कार्यकर्ता और पार्टी नेता शामिल हुए। इसी दिन, दिल्ली में गृह मंत्रालय के बाहर टीएमसी के आठ सांसदों ने भी प्रदर्शन किया। इस दौरान डेरेक ओ ब्रॉयन, महुआ मोइत्रा और कीर्ति आजाद जैसे नेता नारेबाजी करते हुए नजर आए।
पुलिस की कार्रवाई
प्रदर्शन के दौरान कुछ सांसदों के बीच धक्का-मुक्की हुई, जिससे कुछ सांसद गिर भी गए। पुलिस ने सुबह 10 बजे सांसदों को हिरासत में लिया और दोपहर 12 बजे उन्हें छोड़ दिया। उल्लेखनीय है कि गुरुवार को ईडी ने टीएमसी आईटी सेल के प्रमुख के कार्यालय और निवास पर छापेमारी की थी। प्रतीक जैन, जो ममता बनर्जी के लिए राजनीतिक रणनीति तैयार करते हैं, के खिलाफ यह कार्रवाई की गई।
कोलकाता हाईकोर्ट में सुनवाई
कोलकाता हाईकोर्ट ने ईडी की याचिका पर सुनवाई को टाल दिया है, जिसका कारण कोर्ट परिसर में भीड़ और हंगामा था। इस याचिका में ममता बनर्जी के खिलाफ छापेमारी के दौरान हस्तक्षेप करने के आरोप में एफआईआर दर्ज करने की मांग की गई थी। मामले की अगली सुनवाई 14 जनवरी को होगी।
लोकतांत्रिक अधिकार का बचाव
ममता बनर्जी ने इस कार्रवाई के बाद सोशल मीडिया पर लिखा कि गृह मंत्री के कार्यालय के बाहर विरोध करना हमारे चुने हुए प्रतिनिधियों का लोकतांत्रिक अधिकार है। उन्होंने कहा कि सांसदों को सड़कों पर घसीटना कानून का पालन नहीं है, बल्कि यह पुलिस की शक्ति का दुरुपयोग है।
ईडी द्वारा केस दर्ज
ईडी ने संविधान के अनुच्छेद 226 के तहत कलकत्ता हाईकोर्ट में एक रिट याचिका दायर की है, जिसमें छह लोगों को प्रतिवादी बनाया गया है। इनमें पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, डीजीपी, कोलकाता के पुलिस कमिश्नर और अन्य शामिल हैं। यह याचिका कानून प्रवर्तन और जांच से संबंधित मामलों के लिए दायर की गई है।
ममता बनर्जी की शिकायतें
ममता बनर्जी ने शुक्रवार को ईडी के खिलाफ दो शिकायतें दर्ज कराई हैं। ये शिकायतें राजनीतिक कंसल्टेंसी फर्म आई-पीएसी के कार्यालय और इसके प्रमुख प्रतीक जैन के घर पर हुई छापों से संबंधित हैं। इन शिकायतों के आधार पर कोलकाता और बिधाननगर पुलिस ने एफआईआर दर्ज की और जांच शुरू कर दी।