TMC के नाम और चुनाव चिन्ह पर विवाद: राहुल गांधी और अखिलेश यादव की प्रतिक्रिया
TMC के नाम और चुनाव चिन्ह पर विवाद
टीएमसी के नाम और चुनाव चिन्ह पर विवाद: चुनाव आयोग द्वारा तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के नाम और चुनाव चिन्ह को फ्रीज करने के अंतरिम निर्णय ने देश की राजनीति में हलचल मचा दी है। नंदीग्राम और रेजीनगर विधानसभा क्षेत्रों में होने वाले उपचुनाव से पहले यह निर्णय ममता बनर्जी के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है। इस फैसले पर लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव सहित कई नेताओं ने विरोध जताया है। राहुल ने आरोप लगाया कि भाजपा और चुनाव आयोग मिलकर पार्टियों को तोड़ते हैं और उनके चुनाव चिन्ह छीन लेते हैं।
राहुल गांधी ने शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, 'पहले शिवसेना, फिर एनसीपी और अब तृणमूल कांग्रेस। हर बार एक ही पैटर्न - भाजपा और चुनाव आयोग मिलकर एक पार्टी को तोड़ते हैं। फिर उसका चुनाव चिन्ह छीन लिया जाता है। जब पूरी पार्टी चोरी हो सकती है, तो करोड़ों भारतीयों के वोट चोरी होना भी कोई आश्चर्य की बात नहीं है। वोट चोरी। सरकार चोरी। अब पार्टी चोरी - ये हमारे लोकतंत्र के पतन के प्रतीक बन गए हैं। चुनाव आयोग की संवैधानिक जिम्मेदारी जनादेश की रक्षा करना है, लेकिन वह उन ताकतों की मदद कर रहा है, जो जनता के फैसले को पलट देते हैं। यह लड़ाई सिर्फ ममता बनर्जी की नहीं है, बल्कि हर राजनीतिक दल और हर मतदाता की है जो स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव चाहता है।'
पहले शिवसेना, फिर NCP और अब तृणमूल कांग्रेस।
हर बार एक ही पैटर्न - BJP और चुनाव आयोग मिलकर एक पार्टी को तोड़ते हैं। फिर उसका चुनाव चिन्ह छीन लिया जाता है।
जब पूरी की पूरी पार्टी चोरी हो सकती है, तो करोड़ों भारतीयों के वोट चोरी होना भी हैरानी की बात नहीं।
वोट चोरी। सरकार चोरी।…
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) September 18, 2026
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने भी चुनाव आयोग के इस फैसले पर आपत्ति जताई। उन्होंने एक्स पर लिखा, 'चुनाव आयोग यदि लोकतांत्रिक मूल्यों को सशक्त करने के लिए निर्णय ले, तो उसके मान-सम्मान में वृद्धि होगी। और कुछ नहीं कहना है… बस इतना पूछना है कि हमारे द्वारा चुनाव आयोग में जमा किए गए हलफनामे मिले क्या?'
चुनाव आयोग लोकतांत्रिक मूल्यों को सशक्त करने के लिए फ़ैसले ले तो उसके मान-सम्मान में वृद्धि होगी।
और कुछ नहीं कहना है… बस इतना पूछना है कि हमारे द्वारा इलेक्शन कमीशन में जमा किये गये एफ़िडेविट मिले क्या? pic.twitter.com/uzVk1XfLT2
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) September 17, 2026