TMC में बगावत की आशंका, BJP से संपर्क में 12 सांसद
कोलकाता में राजनीतिक संकट गहराता
कोलकाता: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस (TMC) को मिली हार के बाद पार्टी के भीतर एक गंभीर राजनीतिक संकट उत्पन्न हो गया है। दिल्ली से लेकर कोलकाता तक, यह चर्चा तेज हो गई है कि कई तृणमूल सांसद भारतीय जनता पार्टी (BJP) के शीर्ष नेताओं के संपर्क में हैं, और पार्टी के भीतर एक बड़ा धड़ा बगावत की तैयारी कर रहा है।
लोकसभा में 12 सांसदों की बगावत की तैयारी
विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार, तृणमूल कांग्रेस के 29 सांसदों में से लगभग 12 सांसदों ने भाजपा में शामिल होने या उन्हें समर्थन देने का मन बना लिया है। इसके अलावा, पांच से छह अन्य सांसदों के साथ भी भाजपा के रणनीतिकारों की बातचीत चल रही है। यदि यह सच है, तो यह ममता बनर्जी के लिए एक बड़ा झटका होगा।
दल-बदल कानून से बचने की रणनीति
इस संभावित टूट को अंजाम देने के लिए एक विशेष रणनीति पर काम किया जा रहा है। दल-बदल विरोधी कानून से बचने के लिए, बागियों को तृणमूल के कुल सांसदों की संख्या का दो-तिहाई आंकड़ा पार करना होगा। इसलिए, कम से कम 19 से 20 सांसदों को एक साथ लाने की योजना बनाई जा रही है, ताकि उनकी संसद सदस्यता पर कोई खतरा न आए। सूत्रों का कहना है कि इस स्थिति की जानकारी ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी को भी हो चुकी है, जिसके बाद उन्होंने पार्टी को एकजुट रखने के प्रयास तेज कर दिए हैं।
BJP की ताकत बढ़ाने की योजना
केंद्र की मौजूदा राजनीतिक स्थिति को देखते हुए, भाजपा के पास लोकसभा में 240 सांसद हैं और सरकार सहयोगी दलों पर निर्भर है। यदि तृणमूल के 12 से 15 सांसद भाजपा में शामिल होते हैं, तो इससे भाजपा की ताकत में वृद्धि होगी और सहयोगियों पर निर्भरता कम होगी। भाजपा की नजर राज्यसभा में भी तृणमूल के सांसदों पर है। पार्टी के भीतर चुनावी रणनीतिकारों की कार्यशैली को लेकर सांसदों में असंतोष है, जो इस बगावत का मुख्य कारण माना जा रहा है। हालांकि, इस घटनाक्रम पर अभी तक किसी भी पार्टी की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।