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TMC में विवाद: चुनाव आयोग ने दो गुटों को अलग नाम और चिन्ह दिए

तृणमूल कांग्रेस (TMC) में चल रहे संगठनात्मक विवाद के बीच चुनाव आयोग ने ममता बनर्जी और अरूप रॉय के गुटों को अलग-अलग नाम और चुनाव चिन्ह आवंटित किए हैं। ममता के गुट को 'ममता ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस' और 'फुटबॉल खिलाड़ी' चिन्ह मिला है, जबकि अरूप रॉय के गुट को 'डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस' और 'लिफाफा' चिन्ह दिया गया है। यह निर्णय आगामी उपचुनावों के लिए महत्वपूर्ण है।
 

TMC में संगठनात्मक विवाद के बीच चुनाव आयोग का निर्णय


तृणमूल कांग्रेस (TMC) में चल रहे आंतरिक विवाद के चलते चुनाव आयोग ने दोनों प्रतिकूल गुटों को अलग-अलग नाम और चुनाव चिन्ह आवंटित कर दिए हैं। ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट को 'ममता ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस' नाम और 'फुटबॉल खिलाड़ी' चुनाव चिन्ह दिया गया है। वहीं, दूसरे गुट को 'डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस' नाम और 'लिफाफा' चुनाव चिन्ह दिया गया है।


चुनाव आयोग का पूर्व आदेश

चुनाव आयोग ने पहले ही TMC के मूल नाम 'ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस' और उसके आरक्षित 'फूल और घास' चुनाव चिन्ह के उपयोग पर आगामी उपचुनावों के लिए रोक लगा दी थी। आयोग ने स्पष्ट किया था कि दोनों पक्ष पार्टी के नाम और मूल चुनाव चिन्ह का उपयोग नहीं कर सकेंगे। यह व्यवस्था विवाद के समाधान तक अस्थायी रूप से लागू रहेगी।


ममता गुट को नया नाम और चिन्ह

आयोग के आदेश के अनुसार, ममता बनर्जी द्वारा प्रस्तुत फॉर्म-बी के तहत नामांकित उम्मीदवारों को 'ममता ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस' के रूप में मान्यता दी जाएगी। इन उम्मीदवारों को 'फुटबॉल खिलाड़ी' चुनाव चिन्ह आवंटित किया गया है।


आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि चुनाव चिन्ह का उपयोग लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 36 के तहत निर्धारित कानूनी प्रावधानों के अनुसार होगा। नामांकन पत्रों की जांच के दौरान उम्मीदवारों की पात्रता और नामांकन की वैधता संबंधित कानून के अनुसार निर्धारित की जाएगी।


दूसरे गुट को मिला 'डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस'

अरूप रॉय द्वारा प्रस्तुत फॉर्म-बी के आधार पर नामांकित उम्मीदवारों को 'डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस' के रूप में दर्ज किया जाएगा। इस गुट के उम्मीदवारों को 'लिफाफा' चुनाव चिन्ह आवंटित किया गया है।


चुनाव आयोग ने संबंधित रिटर्निंग अधिकारियों को इस आदेश का पालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है, जिसमें पश्चिम बंगाल की रेजीनगर और नंदीग्राम विधानसभा सीटें तथा असम की नगांव लोकसभा सीट शामिल हैं।


TMC का नाम और चुनाव चिन्ह क्यों बदला गया?

TMC के नाम और चुनाव चिन्ह को लेकर ममता बनर्जी और दूसरे गुट के बीच विवाद चल रहा है। आयोग ने 17 सितंबर को अंतरिम आदेश जारी करते हुए कहा था कि दोनों पक्ष खुद को असली TMC बताते हैं और आगामी उपचुनावों से पहले विवाद का अंतिम निपटारा करना संभव नहीं है। इसलिए, दोनों पक्षों को अलग नाम और चुनाव चिन्ह के साथ चुनाव लड़ने की व्यवस्था की गई है।


यह व्यवस्था केवल संबंधित उपचुनावों के लिए है। TMC के मूल नाम और 'फूल और घास' चुनाव चिन्ह पर अंतिम अधिकार को लेकर चुनाव आयोग की प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी।