UAPA पर ओवैसी का हमला: क्या यह कानून सच में 'काला कानून' है?
UAPA पर गरमाई सियासत
नई दिल्ली: देश में गैरकानूनी गतिविधियों (रोकथाम) अधिनियम, जिसे UAPA के नाम से जाना जाता है, पर एक बार फिर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। एआईएमआईएम के नेता असदुद्दीन ओवैसी ने इसे 'काला कानून' करार देते हुए इसके कठोर प्रावधानों और संभावित दुरुपयोग पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कांग्रेस और भाजपा दोनों को इस कानून के लिए जिम्मेदार ठहराया है।
निर्दोष लोगों की जिंदगी बर्बाद
ओवैसी ने कहा कि UAPA के तहत कई निर्दोष व्यक्तियों की जिंदगी बर्बाद हो गई है, खासकर मुसलमानों और दलितों पर इसका सबसे अधिक प्रभाव पड़ा है। उन्होंने 19 साल तक जेल में बंद रहे 11 मुस्लिम आरोपियों का उदाहरण देते हुए कहा कि अदालत ने उन्हें अंततः निर्दोष करार दिया, लेकिन तब तक उनकी जिंदगी पूरी तरह से बर्बाद हो चुकी थी।
कांग्रेस का UAPA कानून
ओवैसी ने स्पष्ट किया कि यह कानून कांग्रेस द्वारा 2008 में लाया गया था। उन्होंने उस समय सांसद होने के नाते चेतावनी दी थी कि इसका दुरुपयोग मुसलमानों और दलितों के खिलाफ किया जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि उस समय उन्होंने यह भी कहा था कि इस कानून के तहत प्रमुख लेखकों और विचारकों को भी निशाना बनाया जा सकता है।
UAPA की कठोर धाराएं
ओवैसी ने UAPA की कठोर धाराओं पर सवाल उठाते हुए कहा कि इसमें 180 दिनों तक हिरासत में रखने का प्रावधान है, जो न तो रूस में है और न ही अमेरिकी पैट्रियट एक्ट में। उनका कहना था कि इतनी लंबी हिरासत पुलिस को मनमानी करने का अवसर देती है।
उन्होंने यह भी कहा कि इस कानून का उपयोग असहमति की आवाज़ों को दबाने के लिए किया जा रहा है। उदाहरण के लिए, उमर खालिद को केवल दो बार बाहर जाने की अनुमति दी गई, एक बार अपनी बहन की शादी के लिए।
मुसलमानों को आतंकवादी मानने की प्रवृत्ति
ओवैसी ने एक अध्ययन का हवाला देते हुए कहा कि दिल्ली में एक अध्ययन से पता चलता है कि 80% मामलों में पुलिस मान लेती है कि यदि आरोपी मुसलमान है, तो वह आतंकवादी है।
उन्होंने मुंबई ट्रेन धमाकों का जिक्र करते हुए कहा कि 11 मुसलमानों को 19 साल के लिए जेल में डाल दिया गया और उन्हें केवल 9-10 महीने पहले अदालत द्वारा निर्दोष घोषित किया गया। उन्होंने शिवाजी नगर के मोहम्मद अली का उदाहरण देते हुए कहा कि 120 वर्ग फुट के कमरे में 12 लोगों के आतंकवादी साजिश रचने का दावा करना अविश्वसनीय था।
कांग्रेस का समर्थन
ओवैसी ने 2019 के बाद संसद में UAPA में बदलाव का जिक्र करते हुए कहा कि अमित शाह ने कानून लाया और उस समय बीजेपी का साथ केवल कांग्रेस ने दिया। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य 'सेक्युलर पार्टियों' को बेनकाब करना है।