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अंतरराष्ट्रीय न्याय में बाधा डालने के प्रयासों की निंदा

अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय (आईसीसी) की अध्यक्ष टोमोको अकाने ने ट्रंप प्रशासन पर आरोप लगाया है कि वह न्याय में बाधा डालने के लिए प्रतिबंध लगा रहा है। उन्होंने सभी देशों से अदालत के समर्थन में ठोस कदम उठाने की अपील की। अकाने ने कहा कि अमेरिका के ये प्रयास सफल नहीं होंगे और न्याय का महत्व वैश्विक स्तर पर मान्यता प्राप्त कर रहा है। इस बीच, अमेरिकी विदेश विभाग ने उनकी टिप्पणियों पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी।
 

आईसीसी अध्यक्ष का बयान

संयुक्त राष्ट्र, तीन नवंबर (एपी) - अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय (आईसीसी) की अध्यक्ष ने ट्रंप प्रशासन पर आरोप लगाया है कि वह न्यायाधिकरण पर प्रतिबंध लगाकर अंतरराष्ट्रीय न्याय में रुकावट डालने का प्रयास कर रहा है। उन्होंने कहा कि यह प्रयास सफल नहीं होगा।


जापान की न्यायाधीश टोमोको अकाने ने सोमवार को संयुक्त राष्ट्र को डिजिटल माध्यम से संबोधित करते हुए आईसीसी का हिस्सा रहे 125 देशों और संयुक्त राष्ट्र के सभी 193 सदस्य देशों से अपील की कि वे अदालत के समर्थन में ठोस कदम उठाएं।


अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन ने आईसीसी के अधिकारियों पर कई प्रतिबंध लगाए हैं और पिछले महीने पूरी अदालत को निशाना बनाया। यह कदम अमेरिका और इजराइल जैसे सहयोगियों के खिलाफ चल रही जांचों को खत्म करने के लिए उठाया गया है।


अकाने ने कहा कि उनका डिजिटल संबोधन अमेरिका के उन ‘असाधारण’ और ‘अभूतपूर्व’ कदमों का परिणाम है, जो न्यायाधीशों, अभियोजकों और आईसीसी को खतरे में डाल रहे हैं।


उन्होंने ट्रंप प्रशासन द्वारा अदालत पर नए प्रतिबंधों की घोषणा के समय का उल्लेख किया, जो उसी दिन हुआ जब दक्षिण अफ्रीकी कानून विशेषज्ञ और पूर्व आईसीसी न्यायाधीश नवी पिल्ले को शांति और अंतरराष्ट्रीय कानून को बढ़ावा देने के लिए नोबेल शांति पुरस्कार दिया गया।


अकाने ने कहा, “दोनों के बीच का विरोधाभास इससे ज्यादा स्पष्ट नहीं हो सकता। एक तरफ अंतरराष्ट्रीय न्याय का महत्व वैश्विक स्तर पर मान्यता प्राप्त कर रहा है, जबकि दूसरी तरफ उस संस्था को दबाने का प्रयास किया जा रहा है जो इस न्याय का प्रतीक है।”


अकाने की टिप्पणियों पर अमेरिकी विदेश विभाग की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई।