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अखिलेश यादव का बड़ा बयान: भगवान के ऑडिट से भाजपा नहीं बच पाएगी

लखनऊ में राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में पुलिस ने कार्रवाई शुरू की है, जिसमें आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इस बीच, समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भाजपा पर तीखा हमला करते हुए कहा कि भगवान के ऑडिट से भाजपा का गिरोह नहीं बच सकेगा। उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा का लंकाकांड अयोध्या में होगा और जनता के सामने दानभक्तों का असली चेहरा आ गया है। पढ़ें पूरी खबर में और क्या कहा अखिलेश यादव ने।
 

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में कार्रवाई

लखनऊ। राम मंदिर चढ़ावे की चोरी के मामले में अब पुलिस ने कार्रवाई शुरू कर दी है। इस मामले में मुकदमा दर्ज होने के बाद आठ व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया है। वहीं, चंपत राय और अनिल मिश्रा ने ट्रस्ट से अपने इस्तीफे दे दिए हैं। इस बीच, समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने एक महत्वपूर्ण बयान दिया है। उन्होंने कहा कि भगवान के ऑडिट से भाजपा का गिरोह नहीं बच सकेगा।


अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, भाजपा का लंकाकांड अयोध्या में ही होगा। आखिरकार ‘दानभक्तों’ का असली चेहरा सामने आ गया है, क्योंकि प्रभु की अलौकिक शक्ति ने अपना चमत्कार दिखा दिया है। अब भाजपा के अहंकार की चमचमाती लंका का साम्राज्य समाप्त होगा और ‘लंकाधिपति’ का भी। भाजपा के लिए यह समय अमृतकाल बनकर आया है।


भाजपा का लंकाकांड, अयोध्या में ही होगा।

आख़िर ‘दानभक्तों’ का मुखौटा उतर ही गया क्योंकि प्रभु की अलौकिक शक्ति ने अपना चमत्कार दिखा ही दिया। अब भाजपाइयों के अहंकार की चमचमाती लंका के साम्राज्य का भी अंत होगा और ‘लंकाधिपति’ का भी।

भाजपा के लिए तो अमृतकाल काल बनकर आया है।

ये…

— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) June 26, 2026



उन्होंने आगे कहा कि यह सरकार हमेशा कहती थी कि उनके राज में इस्तीफे नहीं होते हैं। ‘चढ़ावा-चंदा-दान चोरी’ से प्रभावित जनता कटाक्ष करते हुए कह रही है कि भाजपा के लोग कह रहे हैं कि हमने कहा था कि ‘इस्तीफा’ नहीं होता, हमने इस्तीफा नहीं ‘त्यागपत्र’ दिया है।


वास्तव में, यह तो ‘भाजपाई और उनके साथियों’ के काले कारनामों का पहला अध्याय है। इस बंटवारे की लड़ाई में अब उनकी ‘पार्टी, संघ, सभा, परिषद, वाहिनी और ट्रस्ट की टोली’ एक-दूसरे की पोल खोलने वाली है, इससे पहले कि ये लोग चोरी के माल के साथ भागें। अभी तो शुरुआत है, अब तो केयर फंड के साथ-साथ अनरजिस्टर्ड लोगों को अपने कुकृत्यों का हिसाब भी देना होगा। भगवान के ऑडिट से ‘भाजपाई-गिरोह’ नहीं बच पाएगा। NEET के छात्र कह रहे हैं कि जब इस्तीफे शुरू हो गए हैं तो ‘लीकाधिपति’ का भी करवा दीजिए।