अखिलेश यादव का भाजपा पर तीखा हमला: मंदी और बंदी का आरोप
भाजपा सरकार पर अखिलेश यादव का आरोप
लखनऊ। समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने हाल ही में एक वीडियो साझा करते हुए भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा के शासन में देश के व्यापार को केवल ‘मंदी’ और ‘बंदी’ के अलावा कुछ नहीं मिला है। उनका कहना है कि भ्रष्ट भाजपा नेता व्यापार को कुछ ‘महा-मुनाफ़ाख़ोरों’ के हाथों में सौंपना चाहते हैं, ताकि उन्हें अरबों का राजनीतिक चंदा मिल सके। इस ‘महा-भ्रष्टाचार’ के माध्यम से वे पैसे बांटकर सत्ता में बने रहना चाहते हैं, लेकिन अब व्यापारी और उनके परिवार इस चाल को समझ चुके हैं।
अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “ये हम नहीं हमारी लाशें खड़ी हैं।” यह एक व्यापारी के परिवार का आक्रोशित बयान भाजपा के लिए एक बड़ा झटका है। अब समाज का हर वर्ग यह समझने लगा है कि भाजपा केवल कुछ अरबपतियों और बड़े कॉर्पोरेट्स के हित में काम कर रही है और छोटे व्यापारियों को खत्म करना चाहती है। भाजपा का तर्क है कि छोटे व्यापारी टैक्स चोरी करते हैं, लेकिन व्यापारी संघ अब सवाल कर रहे हैं कि जब बड़े व्यापारी नहीं थे, तब क्या देश को टैक्स नहीं मिलता था?
सच यह है कि भाजपा नेता व्यापार को कुछ ‘महा-मुनाफ़ाख़ोरों’ के हाथों में सौंपना चाहते हैं, जिससे उन्हें अरबों का राजनीतिक चंदा मिल सके। यह ‘महा-भ्रष्टाचार’ उनके लिए सत्ता में बने रहने का एक साधन बन गया है। अब व्यापारी और उनके परिवार इस स्थिति को समझ चुके हैं, क्योंकि उनके व्यवसाय खत्म होने से उनके जीवन यापन का संकट खड़ा हो गया है। परिवारों की भूख, बुजुर्गों की देखभाल, बच्चों की शिक्षा और अन्य आवश्यकताओं की पूर्ति न कर पाने का दुख केवल वही समझ सकते हैं जिनके परिवार हैं।
भाजपा की कमीशनखोरी और महा-मुनाफ़ाख़ोरों को दी गई छूट ही महंगाई का मुख्य कारण है। इससे मांग में कमी आ रही है और बेरोजगारी के कारण बाजार में मंदी का सामना करना पड़ रहा है। इसीलिए, हर चुनाव में भाजपा को छोटे दुकानदारों, कारोबारियों और स्थानीय उद्यमियों से बड़ा झटका मिलने वाला है। भाजपा राज में ‘मंदी’ और ‘बंदी’ के अलावा देश के व्यापार को कुछ नहीं मिला है।