अखिलेश यादव का महंगाई पर बयान: श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा जरूरी
महंगाई के खिलाफ आवाज उठाने की आवश्यकता
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने हाल ही में फैक्ट्री में काम करने वाले श्रमिकों के विरोध प्रदर्शन पर टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि यदि महंगाई जनजीवन को प्रभावित करती है, तो इस पर आवाज उठाई जाएगी।
अखिलेश यादव ने मंगलवार को बैसाखी पर्व के अवसर पर लखनऊ के एक गुरुद्वारे में जाकर सभी देशवासियों और प्रदेशवासियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि हमारे देश की खूबसूरती यह है कि हम सभी त्योहारों को मिलकर मनाते हैं।
नोएडा में श्रमिकों के प्रदर्शन पर बोलते हुए, उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को नियमों और कानूनों की जानकारी नहीं है। यदि उन्हें यह जानकारी होती, तो शायद यह स्थिति उत्पन्न नहीं होती। महंगाई बढ़ने पर जनजीवन प्रभावित होगा, और इसके लिए आवाज उठाई जाएगी। संवाद का रास्ता हमेशा खुला रहना चाहिए। उन्होंने इसे सरकार की विफलता बताया और कहा कि यह कोई साजिश नहीं है।
नोएडा की घटना पर पुलिस के उच्च अधिकारियों द्वारा निगरानी करने पर, अखिलेश यादव ने कहा कि ये अधिकारी लोगों को डराते हैं। मुख्यमंत्री का उद्देश्य लोगों को डराना है ताकि अन्याय किया जा सके। उन्होंने कहा कि पुलिस का इंफ्रास्ट्रक्चर बेहतर होना चाहिए ताकि न्याय मिल सके।
उन्होंने यह भी कहा कि इस सरकार में 50 जिलों में बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर की प्रतिमाएं तोड़ी गई हैं। सरकार ने इस पर क्या कार्रवाई की है? वोट के लिए छतरी लगाना चाहती है।
अखिलेश यादव ने कहा कि बैसाखी का त्योहार मनाते समय, हमें भाईचारा और प्रेम बनाए रखना चाहिए। बाबा साहब भीमराव आंबेडकर का संविधान सभी धर्मों को समान अधिकार देता है। इस बार उनकी जयंती पर विभिन्न वर्गों के लोग एक साथ मिलकर इसे मना रहे हैं, जो कि एक सकारात्मक संकेत है।