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अखिलेश यादव का योगी पर तीखा पलटवार: टोंटी वाले तंज का जवाब

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के टोंटी पर किए गए तंज का तीखा जवाब दिया है। उन्होंने योगी के अतीत और उनके परिवार के संबंधों पर सवाल उठाते हुए कहा कि क्या यह केवल योग्यता का मामला था। इस बीच, सीएम योगी ने जल संरक्षण पर भी बात की, जिससे राजनीतिक विश्लेषकों ने इसे अखिलेश यादव से जोड़ा। जानें इस राजनीतिक विवाद के पीछे की कहानी।
 

अखिलेश यादव का जवाब


लखनऊ। समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के टोंटी पर किए गए तंज का करारा जवाब दिया है। उन्होंने अपने एक्स अकाउंट पर लिखा कि विज्ञान के अनुसार, किशोरावस्था में वनस्पति का अत्यधिक सेवन व्यक्ति की बोलने और समझने की क्षमता को प्रभावित कर सकता है।


उन्होंने यह भी कहा कि मनोविज्ञान के अनुसार, बचपन और किशोरावस्था के अनुभव व्यक्ति की भाषा, व्यवहार और व्यक्तित्व पर गहरा प्रभाव डालते हैं। यही संस्कार सार्वजनिक जीवन में भी दिखाई देते हैं। शायद यही कारण है कि सीएम का ‘करप्ट माउथ’ होना है। जो लोग सीएम के इतिहास से अनजान हैं, उनके लिए यह एक छिपी हुई जानकारी है।


अखिलेश यादव का तंज

अखिलेश यादव ने मीडिया रिपोर्ट्स का हवाला देते हुए कहा कि 1994 के आसपास अजय सिंह बिष्ट अपने पारिवारिक परिवहन व्यवसाय में सक्रिय थे, जब उनके पास केवल तीन बसें और एक ट्रक था। संभवतः उन्होंने इसी दौरान यह अभद्र भाषा सीखी। अजय सिंह बिष्ट के पिता आनंद सिंह बिष्ट और गोरखनाथ मठ के पूर्व महंत अवैद्यनाथ जी रिश्ते में भाई बताए जाते हैं।


उन्होंने यह भी बताया कि बाद में उनके चाचा ने उन्हें मठ में बुलाया और महंत अवैद्यनाथ जी ने उन्हें कुछ ही वर्षों में मठ का उत्तराधिकारी बना दिया।


क्या यह केवल योग्यता थी?

अखिलेश यादव ने सवाल उठाया: क्या उन्हें उत्तराधिकारी के रूप में चुनना केवल योग्यता का मामला था या रिश्तेदारी का भी प्रभाव था? पहले मठ की गद्दी मिली, फिर कुछ वर्षों में लोकसभा की सीट भी। क्या मठ में महंत चुनने के लिए कोई औपचारिक चुनाव प्रक्रिया हुई थी?


क्या एक डग्गामार वाहन चलाने वाला व्यक्ति चार वर्षों में इतना योग्य हो गया? यदि नहीं, तो क्या इसे ‘पक्षपाती परिवारवाद’ नहीं कहा जाना चाहिए? अंत में, पद और परिधान रिश्तों और समय की मदद से मिल सकते हैं, पर भाषा और व्यवहार नहीं।


सीएम योगी का बयान

जानें सीएम योगी ने क्या कहा: दरअसल, विश्व पर्यावरण दिवस 2026 के अवसर पर सीएम योगी आदित्यनाथ ने मंच से संबोधित करते हुए बिना किसी का नाम लिए राजनीतिक चुटकी ली। उन्होंने कहा, “हम हर घर नल जल योजना को आगे बढ़ा रहे हैं, कोई टोंटी चोरी कर ले रहा है। कोई टोंटी खुली छोड़ दे रहा है।”


उन्होंने जलस्रोतों को नुकसान पहुंचाने वाले भूमाफिया, वन माफिया, खनन माफिया और स्मगलरों के प्रति सजग रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि यदि कोई पानी बर्बाद कर रहा है, तो ऐसे लोगों को टोकें। जल संरक्षण को जीवन का हिस्सा बनाएं। इस बयान के दौरान मुख्यमंत्री मंद-मंद मुस्कुराते हुए नजर आए, जिसे राजनीतिक विश्लेषकों ने तुरंत सपा प्रमुख अखिलेश यादव पर लगे पुराने ‘टोटी चोरी’ के आरोपों से जोड़ा।