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अखिलेश यादव ने कांग्रेस के 200 सीटों के पोस्टर को बताया फर्जी

समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने कांग्रेस के 200 सीटों के पोस्टर को नकली करार दिया है। उन्होंने भाजपा पर आरोप लगाया कि यह पोस्टर उनके विरोधियों द्वारा लगाया गया है। यादव ने कहा कि ऐसे पोस्टर बिना शुल्क के लगाए जाते हैं, जिससे स्थानीय राजस्व को नुकसान होता है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। जानें इस विवाद के पीछे की पूरी कहानी और अखिलेश यादव के बयान के प्रमुख अंश।
 

अखिलेश यादव की प्रतिक्रिया


अखिलेश यादव की प्रतिक्रिया: समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव ने कांग्रेस के उस विवादास्पद पोस्टर पर अपनी प्रतिक्रिया दी है, जिसमें '200 सीटों' का दावा किया गया था। उन्होंने इसे नकली करार दिया है, यह कहते हुए कि यह पोस्टर कांग्रेस ने नहीं, बल्कि इंडिया गठबंधन के विरोधियों ने लगवाया है। इस पर उन्होंने भाजपा पर तीखा हमला किया है।


रविवार को एक्स पोस्ट में पूर्व मुख्यमंत्री ने लिखा, 'गठबंधन से भाजपा के पेट में दर्द हुआ है... नकली पोस्टर लगाकर डर गए हैं... उत्तर प्रदेश के नगरपालिका अधिकारियों को निलंबित किया जाना चाहिए क्योंकि कुछ लोग बिना पैसे जमा किए सार्वजनिक रूप से पोस्टर लगवा रहे हैं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। यह या तो भ्रष्टाचार का परिणाम है या शासन का दबाव। जब ये अज्ञात पोस्टर चोरी-छिपे लगाए जाते हैं, तो स्थानीय राजस्व को नुकसान होता है, क्योंकि ऐसे पोस्टर बिना शुल्क के लगाए जाते हैं। यदि शुल्क का आधिकारिक भुगतान किया गया होता, तो रसीद भी काटनी पड़ती, जिससे साजिशकर्ता का नाम सामने आता और वह पकड़ा जाता।'


‘गठबंधन’ से भाजपा के पेट में हुआ दर्द
‘नक़ली पोस्टर’ लगा रही, इतना गई डर

उप्र के म्युनिसिपल उच्चाधिकारियों को निलंबित कर देना चाहिए क्योंकि कुछ लोग बिना पैसा जमा किये सरेआम पोस्टर लगवा रहे हैं लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो रही है या तो इसका आधार भ्रष्टाचार है या शासन का दबाव। इन अज्ञात पोस्टरों को जब चोरी-छिपे लगाया जाता है तो स्थानीय राजस्व की हानि भी होती है, क्योंकि ऐसे पोस्टर बिना शुल्क के लगाए जाते हैं क्योंकि अगर शुल्क का आधिकारिक रूप से भुगतान किया गया तो भुगतान की रसीद भी काटनी पडेगी, ऐसे में साज़िशकर्ता का नाम बाहर आ जाएगा और वो पकड़ा जाएगा। राजस्व की इस हानि का ख़ामियाज़ा संबद्ध अधिकारियों से भरवाना चाहिए और उनके ख़िलाफ़ जाँच बैठाकर निलंबित भी कर देना चाहिए।

ऐसी जितनी भी घटनाएं हो रहीं हैं हम उनका रिकार्ड तारीख़वार रख रहे हैं और ये रिकॉर्ड भी रख रहे हैं कि इस समय कौन सा अधिकारी इसके लिए ज़िम्मेदार था। पीडीए सरकार आ रही है अब वही इन भ्रष्ट अधिकारियों का सारा कच्चा-चिट्ठा खोलेगी। ED-CBI से लेकर EOW तक सबकों सक्रिय करके, इन सब भ्रष्ट अधिकारियों का पक्का हिसाब-किताब किया जाएगा।

— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) October 25, 2026


उन्होंने आगे कहा, 'राजस्व की इस हानि का ख़ामियाज़ा संबद्ध अधिकारियों से भरवाना चाहिए और उनके ख़िलाफ़ जाँच बैठाकर निलंबित भी कर देना चाहिए। हम इन घटनाओं का रिकार्ड रख रहे हैं और यह भी देख रहे हैं कि इस समय कौन सा अधिकारी इसके लिए ज़िम्मेदार था। पीडीए सरकार आने वाली है, जो इन भ्रष्ट अधिकारियों का पूरा कच्चा-चिट्ठा उजागर करेगी। ED-CBI से लेकर EOW तक सभी को सक्रिय करके इन अधिकारियों का सही हिसाब-किताब किया जाएगा।'


यह ध्यान देने योग्य है कि लखनऊ, अमेठी, रायबरेली और सुल्तानपुर में होर्डिंग और पोस्टर में कांग्रेस के नेताओं की तस्वीरें थीं, जिनमें राहुल गांधी, सोनिया गांधी, प्रियंका गांधी, आराधना मिश्रा और इमरान मसूद शामिल थे। इन पोस्टरों पर लिखा था, '200 सीट हक है हमारा... यूपी को है राहुल गांधी पर भरोसा।' इसे समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के बीच खींचतान से जोड़ा जा रहा है।