अखिलेश यादव ने छात्र आंदोलन की सफलता पर सरकार को घेरा
संसद में चर्चा का माहौल
नई दिल्ली। आज संसद का मानसून सत्र अपने सातवें दिन में प्रवेश कर गया है। लोकसभा में परीक्षा सुधार से संबंधित विधेयक पर चर्चा प्रारंभ हो चुकी है। इस चर्चा में समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और सांसद अखिलेश यादव ने भाग लेते हुए कहा कि छात्र आंदोलन ने सरकार को झुकने पर मजबूर कर दिया है। उन्होंने बताया कि वह इस आंदोलन को दूर से देख रहे थे। उनके अनुसार, इस आंदोलन की सफलता के बाद एक नया नारा उभरा है कि सरकार को अहंकार था कि वह कभी नहीं झुकती, लेकिन नई पीढ़ी ने यह साबित कर दिया कि 'सरकार भी झुकती है, झुकाने वाला चाहिए।' उन्होंने यह भी कहा कि सरकार ने आंदोलन से जुड़े कई मुद्दों को स्वीकार किया है, लेकिन सवाल यह है कि जिन बातों पर सहमति बनी, उन्हें सदन में क्यों नहीं रखा जा रहा है?
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर टिप्पणी
अखिलेश यादव ने पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे का उल्लेख करते हुए कहा कि जब मंत्री जी लौटे, जो अब मंत्री नहीं हैं, उनके स्वागत से मुझे कोई शिकायत नहीं है। लेकिन सरकार को कितनी राहत मिली होगी कि एक 'प्रधान' को हटाकर प्रधानमंत्री को बचा लिया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सरकार कई वर्षों से नकारात्मक राजनीति कर रही है और इसके लिए हजारों करोड़ रुपये प्रचार पर खर्च किए गए हैं। अखिलेश यादव ने युवा पीढ़ी को बधाई दी, क्योंकि छात्रों और युवाओं ने अपने आंदोलन के माध्यम से सरकार को झुकने पर मजबूर कर दिया।