अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर साधा निशाना, विधानसभा सत्र को बताया नाटक
अखिलेश यादव की प्रेस कॉन्फ्रेंस में भाजपा पर हमला
लखनऊ। समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने रविवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में भाजपा सरकार पर तीखा हमला किया। उन्होंने कहा कि यूपी विधानसभा का सत्र केवल चार दिनों के लिए आयोजित किया गया है, क्योंकि भाजपा सरकार के पास अब केवल चार दिन बचे हैं। यादव ने आरोप लगाया कि पहले दिन श्रद्धांजलि, दूसरे दिन अयोध्या में राम मंदिर में हुई चोरी, और तीसरे दिन छात्र आंदोलनों से बचने के लिए सत्र का संचालन किया जाएगा। चौथे दिन, दुखी मां के अपमान पर सरकार मुंह छिपाकर सत्र को समाप्त करने की कोशिश करेगी।
उन्होंने यह भी कहा कि NEET परीक्षा सहित कई परीक्षाओं के पेपर लीक होने की घटनाएं उत्तर प्रदेश में बढ़ रही हैं। यादव ने कहा कि अगर एथेनॉल मिलाना इतना फायदेमंद है, तो ऑटोमोबाइल कंपनियों को इसे लेकर प्रचार करना चाहिए।
जौहर विश्वविद्यालय के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा सही नहीं है और वह विश्वविद्यालय को नुकसान पहुंचाना चाहती है। इसके अलावा, उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश में 26,000 सरकारी स्कूल बंद किए गए हैं, जिससे पिछड़े वर्ग, दलित और आदिवासी बच्चों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा है। स्कूलों के मर्जर के कारण 28 लाख बच्चों का नामांकन घट गया है।
अखिलेश यादव ने कहा कि सत्र के दौरान सपा विधायक बेरोजगारी और भ्रष्टाचार के मुद्दों पर सरकार से जवाब मांगेंगे। एक्सप्रेस-वे और बिजली दरों का मुद्दा भी उठाया जाएगा। राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी का मुद्दा भी उठाने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि यदि 2027 में सपा की सरकार बनती है, तो बेहतर जेपीएनआईसी का निर्माण किया जाएगा।