अखिलेश यादव ने योगी सरकार पर पलायन के प्रोपेगेंडा का आरोप लगाया
अखिलेश यादव का हमला
Akhilesh Yadav X Post: समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव ने भारतीय जनता पार्टी और योगी आदित्यनाथ की सरकार पर तीखा हमला किया है। उन्होंने अपने X हैंडल पर एक पोस्ट में कहा कि भाजपा का 'पलायन का प्रोपेगेंडा' योगी सरकार की विफलता का संकेत है। उन्होंने यह भी कहा कि उत्तर प्रदेश में भाजपा और उनके सहयोगियों द्वारा फैलाए जा रहे इस प्रोपेगेंडे से यह स्पष्ट होता है कि सरकार अपनी जिम्मेदारियों में असफल रही है।
BJP का विश्वास खोना
लोगों का विश्वास नहीं जीत पाई BJP
अखिलेश यादव ने कहा कि 'पलायन का प्रोपेगेंडा' यह दर्शाता है कि योगी सरकार उत्तर प्रदेश के लोगों में भाजपा के प्रति विश्वास नहीं जगा पाई है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने समाज में सौहार्द स्थापित करने में असफलता दिखाई है और नफरत फैलाने वाली राजनीति की है। इसके परिणामस्वरूप, सरकार रोजगार और आर्थिक सहायता प्रदान करने में भी विफल रही है।
गुजरात के लिए काम करने का आरोप
BJP ने किया गुजरात के लिए काम
अखिलेश यादव ने यह भी कहा कि भाजपा ने गुजरात के लोगों के लिए अधिक कार्य किए हैं, जिससे उत्तर प्रदेश के लोग निराश होकर अन्य राज्यों में काम की तलाश में जा रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि योगी सरकार की स्किल मैपिंग योजना का कोई सकारात्मक परिणाम नहीं निकला है, जिससे युवा रोजगार की तलाश में भटक रहे हैं।
विकास का माहौल नहीं
विकास का माहौल नहीं दे पाई BJP
अखिलेश यादव ने कहा कि योगी सरकार ने उत्तर प्रदेश के लोगों को सकारात्मक वातावरण प्रदान करने में असफलता दिखाई है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने व्यापार को बढ़ावा देने और विकास के अवसर प्रदान करने में कोई ठोस कदम नहीं उठाए हैं। इसके चलते, युवा विदेशों में पढ़ाई और नौकरी की तलाश में पलायन कर रहे हैं।
उत्तर प्रदेश की छवि को नुकसान
UP की छवि खराब कर रही BJP
अखिलेश यादव ने कहा कि 'पलायन का प्रोपेगेंडा' फैलाने वाले लोग न तो उत्तर प्रदेश के हितैषी हैं और न ही लोगों के। भाजपा झूठे प्रचार के माध्यम से उत्तर प्रदेश की छवि को नुकसान पहुंचा रही है, जिससे निवेशक प्रदेश में आने से कतराते हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे समझें कि उत्तर प्रदेश की छवि को धूमिल करने की कोशिश कौन कर रहा है।
पलायन के कारण
UP से क्यों हो रहा है पलायन?
उत्तर प्रदेश में रोजगार की कमी और ग्रामीण इलाकों में बेरोजगारी एक गंभीर समस्या है। अधिकांश लोग खेती पर निर्भर हैं और बुनियादी सुविधाओं की कमी के कारण अन्य राज्यों में काम की तलाश में जाते हैं। इस पलायन के कारण पारिवारिक विवादों की घटनाएं भी बढ़ रही हैं।