अजित पवार का एनसीपी गठबंधन पर बयान: वोटों का बंटवारा रोकना है मुख्य उद्देश्य
अजित पवार का गठबंधन पर बयान
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने एनसीपी (शरद पवार गुट) के साथ अपने गठबंधन, भविष्य की राजनीतिक स्थिति और चल रही अटकलों पर अपने विचार साझा किए।
उन्होंने एक मीडिया चैनल से बातचीत में स्पष्ट किया कि यह गठबंधन पूरी तरह से व्यावहारिक दृष्टिकोण से किया गया है, जिसका मुख्य उद्देश्य वोटों के बंटवारे को रोकना है।
जब उनसे एनसीपी (शरद पवार गुट) के साथ गठबंधन के बारे में पूछा गया, तो अजित पवार ने कहा, "इसमें गलत क्या है? हमारा लक्ष्य वोटों का विभाजन रोकना था, इसलिए हमने यह गठबंधन किया। स्थानीय स्तर पर हमारे कार्यकर्ताओं की भी यही भावना थी कि गठबंधन से बेहतर परिणाम मिल सकते हैं।"
भविष्य की राजनीति पर ध्यान
अजित पवार ने भविष्य में एनसीपी (शरद पवार गुट) के साथ गठबंधन के बारे में पूछे जाने पर कहा कि उनका ध्यान वर्तमान चुनावों पर केंद्रित है। उन्होंने कहा, "इस समय हमारी प्राथमिकता केवल मौजूदा चुनाव हैं। हम सकारात्मक परिणाम लाने के लिए पूरी ताकत लगा रहे हैं। यही हमारा सबसे बड़ा लक्ष्य है।"
विलय की अटकलों पर स्पष्टीकरण
एनसीपी (शरद पवार गुट) और एनसीपी (अजित पवार) के विलय की अटकलों पर भी उन्होंने स्पष्ट किया कि इस पर अभी कोई विचार नहीं किया गया है। उन्होंने कहा, "पहले चुनाव हैं, उसके बाद देखा जाएगा।"
परिवारिक संबंधों पर विचार
जब उनसे शरद पवार और सुप्रिया सुले के साथ बातचीत के बारे में पूछा गया, तो अजित पवार ने कहा कि उनकी उनसे कोई बातचीत नहीं हुई है।
उन्होंने परिवार और आपसी संबंधों पर बात करते हुए कहा, "हम एक परिवार हैं। हम साथ बैठते हैं, साथ उठते हैं, खुशी और दुख में एक-दूसरे के साथ रहते हैं। क्या हर परिवार में ऐसा नहीं होता?"
शिवसेना और मनसे के संभावित गठबंधन पर प्रतिक्रिया
अजित पवार ने शिवसेना (यूबीटी) और मनसे के संभावित गठबंधन पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि दोनों दलों की कोशिशें चल रही हैं। उन्होंने कहा कि यदि वे एक साथ आते हैं, तो इससे वोटों का बंटवारा नहीं होगा, जिससे उन्हें लाभ होगा।