अजीत डोभाल की रूस यात्रा: अफगानिस्तान के साथ ऐतिहासिक रक्षा सौदा
भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल की रूस यात्रा के दौरान अफगानिस्तान के साथ एक महत्वपूर्ण रक्षा सौदा हुआ है। इस सौदे के तहत रूस तालिबान को अत्याधुनिक हथियार और तकनीकी प्रशिक्षण प्रदान करेगा, जिससे पाकिस्तान में हलचल मच गई है। इस लेख में जानें कि यह डील किस प्रकार से क्षेत्रीय सुरक्षा को प्रभावित कर सकती है और पाकिस्तान की प्रतिक्रिया क्या है।
May 30, 2026, 19:39 IST
अजीत डोभाल की रूस यात्रा
भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल वर्तमान में रूस के दौरे पर हैं। उन्होंने रूस के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार सरगेई शोइगू से मुलाकात की, जिसमें पाकिस्तान के खिलाफ पहलगाम हमले का उल्लेख किया गया। प्रारंभ में यह बैठक सामान्य लग रही थी, लेकिन इसके बाद जो घटनाक्रम हुआ, वह अमेरिका और पाकिस्तान दोनों के लिए अप्रत्याशित था। डोभाल से मिलने के बाद, शोइगू ने अफगानिस्तान के रक्षा मंत्री मौलवी मोहम्मद याकूब को बुलाया और दोनों ने एक महत्वपूर्ण फाइल पर हस्ताक्षर किए। असल में, रूस ने अफगानिस्तान के साथ एक बड़ी रक्षा डील की है, जो डोभाल से मिलने के बाद हुई।
रक्षा सौदे की विशेषताएँ
इस रक्षा सौदे के तहत, रूस तालिबान सरकार को अत्याधुनिक हथियार और एयर डिफेंस सिस्टम प्रदान करेगा। इसके साथ ही, इन हथियारों के संचालन के लिए तकनीकी प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। इसका मतलब यह है कि तालिबान, जो पाकिस्तान के खिलाफ युद्ध कर रहा है, अब रूसी हथियारों की असीमित आपूर्ति प्राप्त करेगा। यह स्पष्ट है कि तालिबान इन हथियारों का उपयोग किसके खिलाफ करेगा। इस डील के बाद पाकिस्तान में हलचल मच गई है, और उन्होंने अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रूबियो से मुलाकात की है।
पाकिस्तान की प्रतिक्रिया
कुछ महीने पहले, पाकिस्तान ने अफगानिस्तान पर एक गंभीर हवाई हमले का संचालन किया था, जिसमें 400 मरीजों की मौत हुई थी। उस समय अफगानिस्तान ने पाकिस्तान को चेतावनी दी थी कि वे पलटवार करेंगे। अब, अफगानिस्तान रूसी हथियारों के साथ पाकिस्तान पर जवाबी कार्रवाई करेगा। पाकिस्तान के पत्रकारों और पूर्व सैनिकों ने रूस की आलोचना शुरू कर दी है, यह कहते हुए कि रूस कभी भी पाकिस्तान का मित्र नहीं हो सकता।
अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया
रूस ने अफगानिस्तान के साथ इस डील के माध्यम से प्रधानमंत्री मोदी की सहायता की है। अमेरिका भी चिंतित है कि रूस ने तालिबान के साथ रक्षा सौदा कर लिया है। अमेरिका का मानना है कि अफगानिस्तान पर उनका नियंत्रण होना चाहिए था। हालांकि, अमेरिका और पाकिस्तान यह नहीं जानते कि डोभाल रूस में मौजूद हैं। पिछले कुछ महीनों में, डोभाल ने कई बार रूस का दौरा किया है। हाल ही में, रूस के पहले उप प्रधानमंत्री डेनिस मॉनटुरोव ने डोभाल से मिलने के लिए उनके कार्यालय का दौरा किया था। यह सभी बैठकें केवल औपचारिकता के लिए नहीं थीं, बल्कि इनका एक महत्वपूर्ण उद्देश्य था।