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अमित शाह से मिले एनसीपी के नेता, पार्टी में बदलाव की मांग

हाल ही में, एनसीपी के कई गैर-मराठा नेता अमित शाह से मिले और पार्टी में हो रहे बदलावों पर चर्चा की। अजित पवार के निधन के बाद, सुनेत्रा पवार के नेतृत्व में असंतोष बढ़ रहा है। ये नेता सुनेत्रा के खिलाफ शिकायतें लेकर आए हैं, यह मानते हुए कि उन्हें पार्टी से हटा दिया गया है। क्या शरद पवार की पार्टी में अब कुछ बचा है? क्या सुप्रिया सुले को मराठा समाज स्वीकार करेगा? जानें पूरी कहानी में।
 

पार्टी में असंतोष और नेतृत्व का संकट


पंचतंत्र की एक प्रसिद्ध कहानी में दो बिल्लियाँ और एक बंदर हैं, जो शायद प्रफुल्ल पटेल, छगन भुजबल और अन्य नेताओं को याद दिलाती है। हाल ही में, एनसीपी के गैर-मराठा नेता अमित शाह से मिले, जिनका मानना है कि सुनेत्रा पवार ने उन्हें पार्टी से हटा दिया है। अजित पवार के निधन के बाद, सुनेत्रा ने सत्ता और संगठन पर नियंत्रण स्थापित कर लिया है, जबकि उनके बेटे पार्थ पवार पार्टी के कार्यों का संचालन कर रहे हैं।


प्रफुल्ल पटेल, छगन भुजबल और सुनील तटकरे जैसे नेता शरद पवार के समय में काफी स्वतंत्रता का अनुभव कर चुके थे। लेकिन अब सुनेत्रा और पार्थ पवार की शक्ति सीमित है, जिससे इन नेताओं में असंतोष बढ़ रहा है।


इसलिए, ये नेता अमित शाह से मिलकर पार्टी के भीतर के विवादों को सुलझाने की कोशिश कर रहे हैं। चर्चा है कि सुनेत्रा पवार की पार्टी का विलय शरद पवार की पार्टी में किया जा सकता है। लेकिन सवाल यह है कि क्या शरद पवार की पार्टी में अब कुछ बचा है? उनकी उम्र और स्वास्थ्य को देखते हुए, क्या सुप्रिया सुले को मराठा समाज स्वीकार करेगा? ये सभी नेता सत्ता में हिस्सेदारी की चाह में हैं, जबकि सुनेत्रा पवार को मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस का समर्थन प्राप्त है।