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अमेरिका-इजराइल संबंधों में तनाव: ईरान के साथ समझौते पर इजराइली नेताओं की प्रतिक्रिया

अमेरिकी उप राष्ट्रपति जेडी वेंस ने इजराइल के नेताओं की आलोचना की है, जिससे अमेरिका और इजराइल के बीच ईरान के मुद्दे पर मतभेद स्पष्ट हो गए हैं। 17 जून को हुए समझौते के बाद इजराइल के राइट विंग मंत्रियों ने अपनी असहमति जताई है। इस बीच, दक्षिणी लेबनान में संघर्ष में इजराइल के चार सैनिकों की मौत हो गई है। जानें इस जटिल स्थिति के बारे में और क्या है ईरान के साथ समझौते का असली मकसद।
 

अमेरिकी उप राष्ट्रपति की इजराइली नेताओं पर टिप्पणी

अमेरिकी उप राष्ट्रपति जेडी वेंस ने इजराइल के कुछ नेताओं की खुलकर आलोचना की है और उन्हें महत्वपूर्ण सलाह दी है। यह स्थिति दर्शाती है कि अमेरिका और इजराइल के बीच ईरान के मुद्दे पर मतभेद अब स्पष्ट रूप से सामने आ रहे हैं। अमेरिका ने पहली बार इजराइल को यह संदेश दिया है कि केवल सैन्य बल का उपयोग करके सभी समस्याओं का समाधान नहीं किया जा सकता।


17 जून को, अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप और ईरान के राष्ट्रपति मसूद प्रजिशियान के बीच एक समझौते पर हस्ताक्षर किए गए। यह समझौता बिना किसी व्यक्तिगत मुलाकात के किया गया और दस्तावेजों का आदान-प्रदान इलेक्ट्रॉनिक रूप से किया गया। इसे इलेक्ट्रॉनिक हस्ताक्षर वाला समझौता कहा जा रहा है। इसका उद्देश्य अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे संघर्ष को समाप्त करना और पश्चिम एशिया में तनाव को कम करना है।


हालांकि, इजराइल के राइट विंग मंत्री बैजलेल स्मट्रच और इतामार बनग्वर इस समझौते से संतुष्ट नहीं हैं। उनका मानना है कि ईरान की सैन्य और परमाणु क्षमताओं को समाप्त किए बिना किसी भी समझौते का कोई अर्थ नहीं है। यह स्थिति और भी गंभीर हो जाती है जब इसे इजराइल की सरकार के मंत्री द्वारा कहा जाता है।


इजराइल के नेताओं की प्रतिक्रिया

दोनों मंत्री, जो पीएम नेतन्याहू की सरकार में महत्वपूर्ण पदों पर हैं, के रुख पर अमेरिकी उप राष्ट्रपति जेडी वेंस से सवाल किया गया। न्यूयॉर्क टाइम्स को दिए एक साक्षात्कार में, वेंस ने कहा कि इजराइल का असली प्रस्ताव क्या है? उन्होंने यह भी कहा कि 90 लाख की आबादी वाले देश के लिए यह संभव नहीं है कि हर राष्ट्रीय सुरक्षा समस्या का समाधान केवल दुश्मनों को मारकर किया जाए।


इसलिए अमेरिका ने ईरान के साथ यह समझौता किया है, जिससे इजराइल को आपत्ति है। इस समझौते में हॉर्मोस की स्थिति को फिर से खोलने, ईरानी बंदरगाहों पर अमेरिकी नौसैनिक अवरोध हटाने और लेबनान सहित सभी मोर्चों पर संघर्ष समाप्त करने की बात की गई है। इसके अलावा, ईरान के फॉसिल फ्यूल के निर्यात पर कुछ प्रतिबंधों में राहत देने का भी उल्लेख है।


दक्षिणी लेबनान में संघर्ष

इजराइल की सेना ने बताया कि दक्षिणी लेबनान में हालिया संघर्ष में चार सैनिकों की मौत हो गई है, जिनमें एक लेफ्टिनेंट कर्नल भी शामिल है। लेबनान की सरकारी समाचार एजेंसी के अनुसार, इजराइली हवाई हमलों में कम से कम 16 लोगों की मौत हुई है। यह घटनाएँ उस समय हुई हैं जब ईरान और अमेरिका के बीच प्रस्तावित वार्ता स्विट्जरलैंड में स्थगित कर दी गई है।


खबरों के अनुसार, अरब चैनल 'अल-मयादीन' ने बताया कि इजराइल के सैन्य अभियान के कारण ईरान ने भी अपनी स्विट्जरलैंड यात्रा को टाल दिया है। इजराइल का कहना है कि उसे दक्षिणी लेबनान में अपनी सैन्य उपस्थिति बनाए रखनी होगी और हिज्बुल्ला के खिलाफ कार्रवाई करनी होगी, क्योंकि यह संगठन उत्तरी इजराइल पर हमले करता रहा है।