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अमेरिका-ईरान वार्ता में तनाव: ईरानी प्रतिनिधिमंडल की बैठक से वॉकआउट

स्विट्जरलैंड में अमेरिका-ईरान की वार्ता में अचानक तनाव बढ़ गया जब ईरानी प्रतिनिधिमंडल ने अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की सैन्य चेतावनी के बाद बैठक छोड़ दी। इस घटना ने दोनों देशों के बीच की नाजुक शांति वार्ता को संकट में डाल दिया है। वार्ता का उद्देश्य मध्य पूर्व में तनाव कम करना था, लेकिन ट्रंप की टिप्पणियों ने स्थिति को और जटिल बना दिया। क्या यह वार्ता अब आगे बढ़ पाएगी? जानें पूरी कहानी में।
 

मध्य पूर्व में तनाव कम करने की कोशिशें

स्विट्जरलैंड में अमेरिका और ईरान के बीच चल रही संवेदनशील कूटनीतिक वार्ता में एक अप्रत्याशित मोड़ आया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान को सोशल मीडिया पर दी गई सैन्य चेतावनी के बाद, ईरानी प्रतिनिधिमंडल बैठक छोड़कर बाहर चला गया। इस घटना ने यह संकेत दिया है कि दोनों देशों के बीच की नाजुक शांति वार्ता अब संकट में है। एक वीडियो फुटेज में स्पष्ट रूप से दिख रहा है कि चर्चा के दौरान ईरानी अधिकारियों का दल कमरे से बाहर निकल जाता है, जबकि अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ मूकदर्शक बने रहते हैं।


बातचीत का उद्देश्य

यह वार्ता मध्य पूर्व में तनाव कम करने के प्रयासों का हिस्सा थी और इसे 14-सूत्रीय समझौता ज्ञापन के तहत आयोजित किया गया था। रिपोर्टों के अनुसार, वार्ताकारों ने कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की, जिसमें लेबनान में संघर्ष विराम बनाए रखना, होर्मुज जलडमरूमध्य से आवाजाही की स्वतंत्रता सुनिश्चित करना और भविष्य में परमाणु समझौते की संभावनाओं पर विचार करना शामिल था।


ईरानी प्रतिनिधिमंडल का वॉकआउट

बैठक से पहले, आयोजकों ने दोनों देशों के प्रतिनिधियों के बीच हाथ मिलाने और समूह फोटो खिंचवाने की योजना बनाई थी। लेकिन ईरानी वार्ताकारों ने इसमें भाग लेने से इनकार कर दिया। ईरानी अधिकारियों ने इसे गंभीर राजनयिक बातचीत के बजाय प्रचार का एक साधन माना। वीडियो में दिखाया गया है कि अरागची ने अमेरिकी प्रतिनिधियों से बातचीत करने के बजाय पाकिस्तानी प्रधानमंत्री से हाथ मिलाया और कुछ ही क्षणों में वहां से चले गए।


ट्रंप की चेतावनी

ट्रंप ने लेबनान में हिजबुल्लाह की गतिविधियों को लेकर ईरान को कड़ी चेतावनी दी। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि ईरान को हिजबुल्लाह पर नियंत्रण रखना चाहिए, अन्यथा अमेरिका की ओर से नई सैन्य कार्रवाई हो सकती है। ये टिप्पणियां उस समय आईं जब वार्ता चल रही थी, जिससे वार्ता में अनिश्चितता का नया पहलू जुड़ गया। ईरानी मीडिया ने बताया कि प्रतिनिधिमंडल के जाने का निर्णय ट्रंप की टिप्पणियों से जुड़ा था, जिसे तेहरान के अधिकारियों ने एक धमकी के रूप में देखा।


वार्ता की स्थिति

ईरानी मीडिया की रिपोर्टों के अनुसार, ट्रंप की टिप्पणियों के बाद वार्ताकारों ने अमेरिकी पक्ष के सामने अपनी आपत्तियां दर्ज कीं। हालांकि, किसी भी पक्ष ने आधिकारिक तौर पर वार्ता के विफल होने की घोषणा नहीं की है, लेकिन इस घटना ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या बढ़ती बयानबाज़ी के बीच यह नाजुक कूटनीतिक प्रक्रिया जारी रह पाएगी।