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अमेरिका-ईरान संघर्ष के समाधान की उम्मीद, ट्रंप ने कहा तेहरान बातचीत के लिए तैयार

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ चल रहे संघर्ष के जल्द समाप्त होने की उम्मीद जताई है। उन्होंने कहा कि ईरान बातचीत के लिए तैयार है, हालांकि तेहरान की ओर से इस पर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। ट्रंप ने संवाददाताओं से कहा कि संघर्ष अब अपने अंतिम चरण में है। ईरानी विदेश मंत्री ने भी कूटनीतिक प्रयासों के लिए दरवाजा खुला रखा है। इस बीच, चीन ने भी अमेरिका और ईरान से संयम बरतने की अपील की है। जानें इस जटिल स्थिति में आगे क्या हो सकता है।
 

संघर्ष के अंत की संभावनाएं

वॉशिंगटन/तेहरान : अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे संघर्ष के लगभग सात महीने बाद, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने युद्ध के शीघ्र समाप्त होने की उम्मीद जताई है। ट्रंप ने बुधवार को कहा कि यह युद्ध अब अपने अंतिम चरण में प्रवेश कर सकता है और यह भी दावा किया कि ईरान समझौते के लिए तैयार है। हालांकि, ईरान की ओर से किसी भी अंतिम समझौते या सीधी बातचीत की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। इस स्थिति में कूटनीतिक समाधान की संभावना बनी हुई है, लेकिन युद्ध समाप्ति की स्थिति अभी स्पष्ट नहीं है।


ट्रंप ने संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि उन्हें विश्वास है कि अमेरिका और ईरान के बीच का संघर्ष समाप्त होने की दिशा में बढ़ रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि ईरान ने उनसे सीधे संपर्क किया है, लेकिन इस बातचीत में शामिल अधिकारियों या किसी ठोस प्रस्ताव का विवरण नहीं दिया।


हालांकि, तेहरान की ओर से अब तक किसी अंतिम समझौते की पुष्टि नहीं की गई है। ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा है कि उनका देश अपनी संप्रभुता और अधिकारों की रक्षा के लिए तैयार है, लेकिन ऐसे कूटनीतिक प्रयासों के लिए दरवाजा खुला है जो ईरान के हितों की रक्षा करें।


इस बीच, अराघची ने बीजिंग में चीन के विदेश मंत्री वांग यी से मुलाकात की। वांग ने अमेरिका और ईरान से संयम बरतने और जून में हुए अंतरिम समझौते के आधार पर बातचीत फिर से शुरू करने की अपील की। चीन ने क्षेत्रीय तनाव कम करने और बातचीत के तंत्र को सक्रिय करने पर जोर दिया है।


अराघची ने कहा कि ईरान क्षेत्र में शांति लाने और पड़ोसी देशों के साथ शांतिपूर्ण संबंधों के लिए बातचीत कर रहा है, साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ईरान अपनी रक्षा के लिए पूरी तरह तैयार है।


संघर्ष की शुरुआत अमेरिका और इजरायल द्वारा 28 फरवरी 2026 को ईरान पर हमले के बाद हुई थी, जिसके जवाब में ईरान ने इजरायल और क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। पिछले सात महीनों में इस संघर्ष ने पश्चिम एशिया की सुरक्षा और ऊर्जा आपूर्ति को प्रभावित किया है।


जून में दोनों पक्षों के बीच एक अंतरिम समझौता हुआ था, जिसके तहत स्थायी युद्धविराम की दिशा में बातचीत का रास्ता तैयार किया गया था। हालांकि, इसके बाद संघर्ष और सैन्य कार्रवाई फिर से तेज हो गई।


रिपोर्टों के अनुसार, ट्रंप अगले सप्ताह न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) के सदस्य देशों के नेताओं या विदेश मंत्रियों से मुलाकात कर सकते हैं। इस संभावित बैठक में युद्ध के बाद की स्थिति और पश्चिम एशिया के लिए अमेरिकी रणनीति पर चर्चा की जा सकती है। हालांकि, व्हाइट हाउस और अमेरिकी विदेश विभाग ने इस बैठक की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।


इस समय, बातचीत की संभावनाएं और युद्ध की समाप्ति को लेकर ट्रंप की उम्मीदों के बावजूद, ईरान की ओर से किसी अंतिम समझौते की पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए, आने वाले दिनों में दोनों पक्षों के बीच वास्तविक बातचीत और संभावित युद्धविराम की दिशा में प्रगति महत्वपूर्ण होगी।