अमेरिका और ईरान के बीच अस्थायी युद्धविराम समझौता
अमेरिका और ईरान के बीच वार्ता का नया दौर
अमेरिका और ईरान के वार्ताकारों ने बृहस्पतिवार को तीन महीने पुराने संघर्ष में युद्धविराम को 60 दिनों के लिए बढ़ाने और ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर नई बातचीत शुरू करने के लिए एक अस्थायी समझौते पर सहमति जताई है। इस मामले से जुड़े एक अमेरिकी अधिकारी ने यह जानकारी दी।
हालांकि, ईरान ने अभी तक किसी समझौते की पुष्टि नहीं की है। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जे डी वेंस ने शाम को इस अस्थायी समझौते की पुष्टि की, लेकिन यह स्पष्ट नहीं है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इसे मंजूरी देंगे या नहीं।
समझौते की स्थिति और वार्ता के मुद्दे
वेंस ने संवाददाताओं से कहा, "यह कहना मुश्किल है कि राष्ट्रपति कब इस पर हस्ताक्षर करेंगे। हम कुछ बिंदुओं पर चर्चा कर रहे हैं।" यह समझौता उस समय आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध में नाजुक युद्धविराम की स्थिति बनी हुई है। हाल ही में तनाव तब बढ़ा जब अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने बताया कि कुवैत ने ईरान से दागी गई मिसाइलों को नष्ट कर दिया।
अधिकारी ने नाम न बताने की शर्त पर बताया कि समझौते में यह स्पष्ट किया गया है कि ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य पर कोई शुल्क नहीं लगा सकेगा और उसे 30 दिनों के भीतर इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग से सभी बारूदी सुरंगें हटानी होंगी।
तेल की कीमतों पर प्रभाव
युद्ध के दौरान ईरान ने इस जलडमरूमध्य को प्रभावी रूप से बंद कर दिया था, जिससे वैश्विक तेल और प्राकृतिक गैस व्यापार प्रभावित हुआ। इसके परिणामस्वरूप, तेल की कीमतें तेजी से बढ़ गईं। अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने कहा कि समझौते के अंतिम रूप लेने के बाद तेल की कीमतें "बहुत तेजी से नीचे आ सकती हैं।"
अस्थायी समझौते के तहत अमेरिका धीरे-धीरे ईरानी बंदरगाहों की नौसैनिक नाकेबंदी को हटाएगा और प्रतिबंधों में ढील देगा, जिससे ईरान अधिक तेल बेच सकेगा।
वार्ता के प्रमुख मुद्दे
इस 60 दिन के युद्धविराम के दौरान जिन प्रमुख मुद्दों पर बातचीत होगी, उनमें ईरान के उच्च संवर्धित यूरेनियम का भविष्य शामिल है। वेंस ने कहा कि वार्ताकार उच्च संवर्धित यूरेनियम पर सामान्य शर्तों पर सहमति बनाने की कोशिश कर रहे हैं।
हालांकि, ईरान ने इस भंडार को छोड़ने की कोई सार्वजनिक प्रतिबद्धता नहीं जताई है। माना जाता है कि यह भंडार तीन परमाणु स्थलों के नीचे दबा है। परमाणु विश्लेषकों का मानना है कि ईरान चीन या रूस को संवर्धित यूरेनियम की जिम्मेदारी सौंपने के लिए स्वीकार्य तीसरे पक्ष के रूप में देख सकता है।
इजराइल और हिज्बुल्ला के बीच तनाव
ट्रंप ने कहा कि वह "ऐसी योजना से सहज नहीं होंगे।" वहीं, ईरान ने कहा है कि किसी भी समझौते में लेबनान में ईरान समर्थित संगठन हिज्बुल्ला के खिलाफ इजराइल की सैन्य कार्रवाई का अंत शामिल होना चाहिए।
बृहस्पतिवार को लेबनान में तनाव बढ़ गया जब इजराइल ने बेरूत के दक्षिणी उपनगर और दक्षिणी तटीय शहर टायर में हवाई हमले किए, जिसमें कम से कम 14 लोगों की मौत हो गई।