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अमेरिका और ईरान के बीच ऐतिहासिक शांति समझौता

अमेरिका और ईरान ने पेरिस के वर्साय पैलेस में एक ऐतिहासिक शांति समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं, जो दोनों देशों के बीच युद्ध समाप्त करने और होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलने का मार्ग प्रशस्त करेगा। ट्रम्प ने चेतावनी दी है कि यदि ईरान ने समझौते का उल्लंघन किया, तो उसे गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। जानें इस समझौते के सभी महत्वपूर्ण पहलुओं के बारे में।
 

पेरिस में हुआ ऐतिहासिक समझौता


इस ऐतिहासिक पल का गवाह फ्रांस के पेरिस शहर का वर्साय पैलेस बना


अमेरिका और ईरान ने एक महत्वपूर्ण शांति समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। पहले यह समझौता 19 जून को होने वाला था, लेकिन दोनों देशों ने सभी को चौंकाते हुए इसे बुधवार को ही संपन्न कर दिया। यह समझौता स्विट्जरलैंड के जिनेवा में होना था, लेकिन अब यह ऐतिहासिक घटना पेरिस के वर्साय पैलेस में हुई। यहाँ अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध समाप्त करने के लिए एक अंतरिम समझौते पर दस्तखत किए गए।


समझौते की प्रक्रिया

रिपोर्टों के अनुसार, ट्रम्प ने बुधवार को फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ बैठक के दौरान इस दस्तावेज पर हस्ताक्षर किए। इसके बाद ईरानी राष्ट्रपति पजशकियान ने इलेक्ट्रॉनिक तरीके से समझौते पर दस्तखत किए। भारतीय समयानुसार, गुरुवार सुबह 5 बजे दोनों नेताओं के हस्ताक्षर के तुरंत बाद यह समझौता लागू हो गया।


समझौते के मुख्य बिंदु

होर्मुज के पूरी तरह खुलने की राह साफ


इस समझौते के तहत ईरान में युद्ध समाप्त होगा और लेबनान में संघर्ष खत्म करने की बात की गई है। इसके साथ ही होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलने और अमेरिका की नौसैनिक नाकेबंदी समाप्त करने का भी उल्लेख किया गया है। ट्रम्प ने कहा कि उनका लक्ष्य युद्ध समाप्त करना, होर्मुज को खोलना और ईरान को परमाणु हथियारों से रोकना था, जो अब पूरा हो गया है।


ट्रम्प की चेतावनी

जी7 समिट के दौरान अमेरिका ने दी थी चेतावनी


ट्रम्प ने चेतावनी दी है कि यदि ईरान ने इस समझौते का उल्लंघन किया, तो उस पर फिर से बमबारी की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि वे ईरान को परमाणु हथियार हासिल नहीं करने देंगे।