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अमेरिका और ईरान के बीच तनाव: होर्मुज जलडमरूमध्य पर कब्जे की घोषणा

पश्चिम एशिया में चार महीनों से चल रहे संघर्ष ने एक गंभीर मोड़ ले लिया है, जिससे तीसरे विश्व युद्ध की आशंका बढ़ गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने होर्मुज जलडमरूमध्य पर नियंत्रण का ऐलान किया है, जबकि ईरान ने इस समुद्री रास्ते को बंद करने की घोषणा की है। यह तनाव वैश्विक तेल आपूर्ति और समुद्री व्यापार पर गंभीर संकट पैदा कर सकता है। जानें इस संकट के पीछे की पूरी कहानी और इसके संभावित प्रभाव।
 

पश्चिम एशिया में बढ़ता तनाव

वॉशिंगटन/तेहरान: पिछले चार महीनों से चल रहे संघर्ष ने पश्चिम एशिया में एक गंभीर मोड़ ले लिया है, जिससे तीसरे विश्व युद्ध की आशंका बढ़ गई है। शांति प्रयासों की असफलता के बाद, अमेरिका और ईरान अब सीधे आमने-सामने हैं। इस तनाव के बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 'होर्मुज जलडमरूमध्य' पर नियंत्रण का ऐलान किया, जिससे वैश्विक व्यापार पर गंभीर प्रभाव पड़ने की संभावना है।


ट्रंप का आक्रामक बयान

राष्ट्रपति ट्रंप ने एक अमेरिकी शो 'फॉक्स एंड फ्रेंड्स' में कहा कि अमेरिका अब होर्मुज जलडमरूमध्य को अपने नियंत्रण में लेगा। उन्होंने इसे 'गार्जियन एंजेल ऑफ द स्ट्रेट' का नाम दिया और कहा कि अब अमीर देशों को इस समुद्री रास्ते की सुरक्षा के लिए अमेरिका को भुगतान करना होगा। ट्रंप ने यह भी दावा किया कि ईरान की सैन्य ताकत काफी कमजोर हो चुकी है।


ईरान का जवाब

ट्रंप के बयान के तुरंत बाद, ईरान ने 'पर्सियन गल्फ स्ट्रेट अथॉरिटी' के माध्यम से होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने की घोषणा की। ईरान का कहना है कि अमेरिकी हमलों के कारण जहाजों का सुरक्षित गुजरना अब संभव नहीं है। ईरान ने एक नया नियम भी लागू किया है, जिसके तहत किसी भी जहाज को गुजरने के लिए ऑनलाइन अनुमति लेनी होगी।


वैश्विक अर्थव्यवस्था पर प्रभाव

यह तनाव अब केवल सैन्य टकराव तक सीमित नहीं है, बल्कि होर्मुज जलडमरूमध्य से वैश्विक तेल व्यापार का एक तिहाई हिस्सा गुजरता है। इसके बंद होने से वैश्विक तेल आपूर्ति और समुद्री व्यापार पर गंभीर संकट आ सकता है। अमेरिका और ईरान दोनों ही पीछे हटने को तैयार नहीं हैं, जिससे अंतरराष्ट्रीय बाजारों में हड़कंप मच गया है।