×

अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम समझौते पर ट्रंप ने उठाए सवाल

अमेरिका और ईरान के बीच 19 जून को होने वाले युद्धविराम समझौते पर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संदेह व्यक्त किया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि ईरान समझौते की शर्तों का पालन नहीं करता है, तो अमेरिका सैन्य कार्रवाई कर सकता है। ट्रंप का यह बयान जी 7 की बैठक के दौरान आया है, जहां उन्होंने समझौते की स्थिति को स्पष्ट किया। इस बीच, वैश्विक स्तर पर इस समझौते का स्वागत किया गया है, जिससे मध्य पूर्व में सुरक्षा और स्थिरता की उम्मीदें बढ़ी हैं।
 

ट्रंप का बयान


नई दिल्ली। अमेरिका और ईरान के बीच 19 जून को युद्धविराम समझौते पर हस्ताक्षर होने की उम्मीद है, लेकिन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस पर संदेह व्यक्त किया है। ट्रंप ने कहा कि यह डील अभी अंतिम रूप नहीं ली गई है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि ईरान समझौते की शर्तों का पालन नहीं करता है, तो अमेरिका फिर से सैन्य कार्रवाई कर सकता है। यह बयान उन्होंने फ्रांस के एवियन में जी 7 की बैठक के दौरान दिया।


जी 7 बैठक में ट्रंप की टिप्पणी

जी 7 की बैठक के दौरान मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतेह अल सीसी के साथ बातचीत में ट्रंप ने कहा कि दोनों देशों के बीच केवल एक समझौता ज्ञापन पर सहमति बनी है। उन्होंने यह भी कहा कि कई महत्वपूर्ण मुद्दे अभी भी तय होने बाकी हैं। ट्रंप ने स्पष्ट किया कि यदि ईरान ने समझौते की शर्तों का पालन नहीं किया, तो अमेरिका फिर से बमबारी कर सकता है।


समझौते का वैश्विक स्वागत

ट्रंप ने यह भी कहा कि ईरान के साथ समझौते से बाजारों में विश्वास बढ़ा है और इसका सकारात्मक प्रभाव देखा जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि होर्मुज की खाड़ी अगले एक से दो दिन में पूरी तरह खुल जाएगी और समुद्री मार्गों पर जहाजों की आवाजाही सामान्य हो रही है।


दूसरी ओर, अमेरिका और ईरान के बीच हुए समझौते का विश्व स्तर पर स्वागत किया गया है। रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची के साथ बातचीत में इस समझौते का समर्थन किया। पोप लियो ने भी इस शांति समझौते का स्वागत करते हुए कहा कि इससे मध्य पूर्व में सुरक्षा और स्थिरता बढ़ेगी।