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अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौता: 300 अरब डॉलर का पुनर्निर्माण पैकेज

अमेरिका और ईरान के बीच एक महत्वपूर्ण शांति समझौता स्विट्जरलैंड में होने जा रहा है, जिसमें अमेरिका ईरान को 300 अरब डॉलर का पुनर्निर्माण पैकेज देने का प्रस्ताव रख रहा है। इस समझौते में सैन्य अभियानों को समाप्त करने, तेल प्रतिबंध हटाने और अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। हालांकि, परमाणु कार्यक्रम से जुड़े कुछ विवाद अभी भी अनसुलझे हैं। जानें इस समझौते के 14 बिंदुओं के बारे में और ईरान की शर्तें क्या हैं।
 

समझौते की मुख्य बातें


समझौते में सैन्य अभियान समाप्त होंगे, तेल प्रतिबंध हटेंगे, परमाणु कार्यक्रम के कुछ महत्वपूर्ण मुद्दे अभी भी अनसुलझे


तेहरान और वॉशिंगटन के बीच शांति समझौते पर स्विट्जरलैंड में हस्ताक्षर होने की प्रक्रिया चल रही है, जिसमें अमेरिका ईरान को 300 अरब डॉलर का पुनर्निर्माण पैकेज देने का प्रस्ताव रख रहा है। इस समझौते पर शुक्रवार को औपचारिक रूप से मुहर लगाई जाएगी। ईरान की एक अर्ध-सरकारी समाचार एजेंसी ने अमेरिका-ईरान के बीच 14 बिंदुओं का एक सहमति पत्र जारी किया है।


14 बिंदुओं का शांति समझौता

इस समझौते में कई महत्वपूर्ण बिंदुओं का समावेश है, जैसे कि:



  • लेबनान सहित सभी मोर्चों पर सैन्य कार्रवाई को तुरंत समाप्त करना।

  • ईरान के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप न करने और उसकी संप्रभुता का सम्मान करने का अमेरिका का वादा।

  • 30 दिनों के भीतर नौसैनिक नाकेबंदी को समाप्त करना।

  • ईरान के आस-पास से अमेरिकी सेना को हटाना।

  • 30 दिनों के भीतर होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलना।

  • ईरान के तेल और पेट्रोकेमिकल उत्पादों पर लगे प्रतिबंधों को हटाना।

  • ईरान को ऊर्जा निर्यात से होने वाली आय तक पूरी पहुंच देना।

  • कम से कम 300 अरब डॉलर के पुनर्निर्माण पैकेज का प्रस्ताव।

  • परमाणु मुद्दों पर बातचीत के लिए 60 दिनों का समय।

  • परमाणु अप्रसार संधि के तहत ईरान का वादा।

  • नई पाबंदियों का न लगाना और सैन्य तैनाती न बढ़ाना।

  • बातचीत के दौरान ईरान की फ्रीज की गई संपत्ति को जारी करना।

  • समझौते की निगरानी के लिए एक तंत्र बनाना।

  • संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव के माध्यम से अंतिम समझौते को मंजूरी देना।


परमाणु कार्यक्रम का मुद्दा

हालांकि, ट्रंप के इस घोषणा के बावजूद कि ईरान के साथ डील पूरी हो चुकी है, मेमोरेंडम में यह स्पष्ट नहीं है कि परमाणु कार्यक्रम से जुड़े विवादित मुद्दे अभी भी अनसुलझे हैं। रिपोर्टों के अनुसार, दस्तावेज में ईरान के परमाणु हथियार न बनाने के वादे को दोहराया गया है, लेकिन इसमें यूरेनियम संवर्धन की सीमा और अतिरिक्त निरीक्षण तंत्र के बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई है।


ईरान की शर्तें

ईरान के डिप्टी विदेश मंत्री काजम गरीबाबादी ने कहा है कि अंतिम समझौते पर बातचीत तभी शुरू होगी जब तेहरान यह सुनिश्चित कर लेगा कि वॉशिंगटन ने अपने वादे पूरे कर लिए हैं। ईरानी मीडिया ने बताया कि फ्रीज की गई संपत्तियों को जारी करना और समुद्री पाबंदियों को हटाना विस्तृत बातचीत के लिए आवश्यक शर्तें हैं।