अमेरिका का नया कदम: ईरानी तेल की बिक्री से तेल की कीमतों में कमी की उम्मीद
तेल की कीमतों को नियंत्रित करने की योजना
अमेरिका वैश्विक स्तर पर बढ़ती तेल की कीमतों को नियंत्रित करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाने की तैयारी कर रहा है। अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने हाल ही में बताया कि अमेरिका समुद्र में फंसे प्रतिबंधित ईरानी तेल की बिक्री की अनुमति दे सकता है। वर्तमान में कच्चे तेल की कीमतें $100 प्रति बैरल से अधिक बनी हुई हैं, जिसका मुख्य कारण ईरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करना और टैंकरों पर हमले करना है।
सप्लाई संकट का समाधान: 'प्लान 140 मिलियन'
बेसेंट ने Fox Business Network के "Mornings with Maria" कार्यक्रम में कहा कि अमेरिका समुद्र में फंसे लगभग 140 मिलियन बैरल ईरानी तेल पर से प्रतिबंध हटा सकता है। उन्होंने बताया कि यह मात्रा 10 से 14 दिनों की आपूर्ति के बराबर हो सकती है। यदि यह ईरानी तेल वैश्विक बाजार में शामिल होता है, तो इससे तेल की कीमतों को अगले कुछ दिनों तक नियंत्रित करने में मदद मिलेगी।
अन्य कदम और वैश्विक आपूर्ति
ट्रेजरी ने हाल ही में प्रतिबंधित रूसी तेल की बिक्री की अनुमति भी दी थी, जिससे वैश्विक आपूर्ति में 130 मिलियन बैरल की वृद्धि हुई। बेसेंट ने कहा कि अमेरिका अन्य उपाय भी करेगा, जिसमें G7 देशों द्वारा 400 मिलियन बैरल तेल जारी करना और Strategic Petroleum Reserve से तेल जारी करना शामिल है।
भौतिक आपूर्ति पर ध्यान
बेसेंट ने स्पष्ट किया कि ट्रेजरी तेल वायदा बाजारों में हस्तक्षेप नहीं करेगी, बल्कि Strait of Hormuz के बंद होने के कारण होने वाली कमी को पूरा करने के लिए भौतिक आपूर्ति बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित करेगी। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप जापानी प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची से बातचीत करेंगे, जिसमें जापानी नौसेना की भागीदारी पर चर्चा होगी।
चीन का रिफाइंड उत्पादों में योगदान
बेसेंट ने यह भी बताया कि चीन रिफाइंड उत्पादों का एक महत्वपूर्ण आपूर्तिकर्ता बन गया है, क्योंकि उसने एशिया के अन्य देशों को जेट ईंधन और अन्य उत्पादों का निर्यात करना बंद कर दिया है।