अमेरिका ने नेपाल को बाढ़ राहत के लिए 3.1 करोड़ डॉलर की सहायता की घोषणा की
नेपाल में बाढ़ राहत के लिए अमेरिकी सहायता
(सागर कुलकर्णी) वाशिंगटन, 23 सितंबर: अमेरिका ने बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों में पुलों के निर्माण, स्थानीय समुदायों की बुनियादी आवश्यकताओं को पूरा करने और भविष्य में आपदाओं के बाद राहत एवं पुनर्वास प्रयासों में सहायता के लिए नेपाल को 3.1 करोड़ अमेरिकी डॉलर की मदद देने का निर्णय लिया है। यह घोषणा मंगलवार को न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा के सत्र के दौरान नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल से मुलाकात के बाद राजनीतिक मामलों की विदेश उप मंत्री एलिसन हूकर ने की। अमेरिकी विदेश मंत्रालय के एक बयान में कहा गया है कि हूकर ने नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ से प्रभावित सभी लोगों के प्रति अमेरिका की गहरी संवेदना व्यक्त की।
इसमें लगभग 70 अमेरिकी नागरिकों के परिवार भी शामिल हैं, जिनका अभी तक कोई पता नहीं चल पाया है। बैठक के दौरान हूकर ने बताया कि अमेरिका कांग्रेस के सहयोग से एक करोड़ अमेरिकी डॉलर की सहायता उपलब्ध कराने की योजना बना रहा है। यह राशि स्थायी और आवश्यकतानुसार बनाए गए पुलों के निर्माण में खर्च की जाएगी, जिन्हें अमेरिका एक स्थानीय कंपनी से मंगवा रहा है।
बयान में कहा गया है कि ये पुल प्रभावित क्षेत्रों में महत्वपूर्ण परिवहन बुनियादी ढांचे को पुनर्स्थापित करने और क्षेत्रीय संपर्क को मजबूत करने में सहायक होंगे। मंत्री ने प्रभावित समुदायों को पानी, स्वच्छता, आश्रय, संरक्षण, आजीविका और सर्दियों के लिए आवश्यक सहायता प्रदान करने के लिए 80 लाख अमेरिकी डॉलर की अतिरिक्त सहायता देने की योजना की भी घोषणा की। मंत्रालय ने भविष्य में आपदाओं के बाद राहत एवं पुनर्वास प्रयासों में बेहतर सहायता के लिए अमेरिका में निर्मित ड्रोन उपलब्ध कराने पर 1.3 करोड़ अमेरिकी डॉलर खर्च करने की योजना बनाई है।
इस सहायता की घोषणा के साथ नेपाल में बाढ़ राहत और पुनर्वास के प्रयासों के लिए अमेरिका की कुल सहायता 3.6 करोड़ अमेरिकी डॉलर से अधिक हो गई है। बयान में कहा गया है कि अमेरिका नेपाल सरकार के साथ मिलकर काम करना जारी रखेगा ताकि जहां अधिकतम आवश्यकता हो, वहां अतिरिक्त सहायता की पहचान कर उसे उपलब्ध कराया जा सके। नेपाल में तिब्बत की सीमा के निकट रसुवागढ़ी क्षेत्र में 26 अगस्त को आई विनाशकारी बाढ़ में कम से कम 1,451 लोगों की जान चली गई और 6,000 से अधिक लोग लापता हैं।