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अमेरिका ने भारत के सोलर पैनलों पर 126% टैरिफ लगाने का प्रस्ताव

अमेरिका ने भारत से आयातित सोलर पैनलों पर 126% तक का प्रारंभिक टैरिफ लगाने का प्रस्ताव रखा है, जिससे भारतीय निर्यातकों को बड़ा झटका लग सकता है। इस प्रस्ताव के तहत अन्य देशों पर भी शुल्क लगाने की बात की गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे न केवल निर्यातकों, बल्कि अमेरिका में सोलर प्रोजेक्ट विकसित करने वाली कंपनियों और उपभोक्ताओं पर भी प्रभाव पड़ेगा। भारत की प्रतिक्रिया और अमेरिका के साथ व्यापार वार्ता की स्थिति पर नजर बनी हुई है।
 

अमेरिका का नया टैरिफ प्रस्ताव

न्यूयॉर्क: अमेरिका ने भारत से आयातित सोलर पैनलों पर 126 प्रतिशत तक का प्रारंभिक टैरिफ लगाने का प्रस्ताव रखा है, जो भारतीय निर्यातकों के लिए एक बड़ा झटका हो सकता है। अमेरिकी वाणिज्य विभाग का आरोप है कि भारत सरकार ने अपने निर्माताओं को अनुचित सब्सिडी दी है, जिससे वे कम कीमत पर उत्पाद बेचकर अमेरिकी कंपनियों को नुकसान पहुँचा रहे हैं।


अन्य देशों पर भी टैरिफ

इस प्रस्ताव के तहत इंडोनेशिया पर 86 से 143 प्रतिशत और लाओस पर 81 प्रतिशत तक शुल्क लगाने की बात भी की गई है। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, इस कदम से भारतीय सोलर कंपनियों के लिए अमेरिकी बाजार में प्रतिस्पर्धा करना और भी कठिन हो जाएगा। वर्ष 2024 में भारत ने अमेरिका को 792.6 मिलियन डॉलर (लगभग 6,500 करोड़ रुपये) के सोलर उत्पाद निर्यात किए थे, जो 2022 की तुलना में 9 गुना अधिक है।


प्रभाव और विशेषज्ञों की राय

विशेषज्ञों का मानना है कि इस निर्णय का प्रभाव केवल निर्यातकों तक सीमित नहीं रहेगा। अमेरिका में सोलर प्रोजेक्ट विकसित करने वाली कंपनियों और उपभोक्ताओं के लिए भी लागत में वृद्धि होने की संभावना है।


टैरिफ की पृष्ठभूमि

यह प्रस्तावित शुल्क अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा हाल में घोषित सामान्य टैरिफ से भिन्न है। पहले लगाए गए कुछ व्यापक टैरिफ को अदालत ने रद्द कर दिया था, जिसके बाद प्रशासन ने 10 प्रतिशत का नया शुल्क लागू किया था।


अंतिम निर्णय की प्रतीक्षा

अमेरिका की कुछ सोलर निर्माता कंपनियों के समूह ने कथित डंपिंग और सब्सिडी के खिलाफ जांच की मांग की थी। उनका तर्क है कि घरेलू उद्योग की सुरक्षा के लिए यह कदम आवश्यक है। इस मामले में अंतिम निर्णय 6 जुलाई तक आने की संभावना है।


भारत की प्रतिक्रिया

इस घटनाक्रम के बीच केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने मंगलवार को कहा कि जैसे ही अमेरिका में टैरिफ को लेकर स्थिति स्पष्ट होगी, भारत व्यापार वार्ता फिर से शुरू करेगा। उन्होंने कहा, “स्थिति में अधिक स्पष्टता आते ही हम बातचीत आगे बढ़ाएंगे।”


भारत-कनाडा व्यापार वार्ता

गोयल ने यह भी बताया कि भारत और कनाडा के बीच मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) के लिए संदर्भ की शर्तों (टीओआर) को इस सप्ताह के अंत तक अंतिम रूप दिए जाने की उम्मीद है। कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी 26 फरवरी को भारत दौरे पर आने वाले हैं।


बैठक स्थगित

भारत और अमेरिका ने 22 फरवरी को वाशिंगटन में प्रस्तावित अपने मुख्य वार्ताकारों की बैठक स्थगित कर दी थी। इस बैठक में अंतरिम व्यापार समझौते के मसौदे को अंतिम रूप दिया जाना था।