अमेरिका-फ्रांस के बीच जुबानी जंग: मैक्रों का ट्रंप पर कड़ा प्रहार
अमेरिका और फ्रांस के बीच बढ़ती तनातनी
अंतरराष्ट्रीय राजनीति में अमेरिका और फ्रांस के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की पत्नी ब्रिगिट मैक्रों के बारे में की गई टिप्पणियों पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। मैक्रों ने ट्रंप के व्यवहार को "अशालीन" और "स्तरहीन" बताते हुए कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति "बहुत ज्यादा बोलते हैं।" दक्षिण कोरिया की यात्रा के दौरान पत्रकारों से बातचीत में मैक्रों ने कहा, "ट्रंप की टिप्पणियाँ न तो शालीन हैं और न ही किसी स्तर की हैं।"
ट्रंप की विवादास्पद टिप्पणियाँ
मैक्रों की यह प्रतिक्रिया ट्रंप के उस बयान के कुछ घंटों बाद आई, जिसमें उन्होंने वॉशिंगटन डीसी में एक भोज के दौरान मैक्रों के साथ हुई एक फ़ोन कॉल का मज़ाक उड़ाया था। ट्रंप ने कहा कि मैक्रों की पत्नी उनके साथ बुरा बर्ताव करती हैं। उन्होंने कहा, "मैं फ्रांस में मैक्रों को फ़ोन करता हूँ, जिनकी पत्नी उनके साथ बेहद बुरा बर्ताव करती हैं।"
फ्रांसीसी राजनीतिक हलकों में गुस्सा
इन टिप्पणियों की फ्रांस में व्यापक आलोचना हुई है, जिसमें मैक्रों के विरोधी भी शामिल हैं। नेशनल असेंबली की अध्यक्ष येल ब्रौन-पिवेट ने कहा कि ये टिप्पणियाँ "स्तर के अनुरूप नहीं थीं," खासकर जब दुनिया भर में संघर्ष चल रहा है।
मैक्रों की सैन्य कार्रवाई पर चेतावनी
मैक्रों ने होर्मुज़ जलडमरूमध्य को फिर से खोलने के किसी भी सैन्य प्रयास के खिलाफ चेतावनी दी। उन्होंने कहा, "कुछ लोग बलपूर्वक मुक्त कराने के विचार का समर्थन करते हैं, लेकिन यह अवास्तविक है।"
अमेरिका और नाटो पर मैक्रों की टिप्पणी
मैक्रों ने अमेरिका के बदलते रुख पर परोक्ष रूप से निशाना साधते हुए कहा, "हमें गंभीर होना चाहिए और ऐसा नहीं करना चाहिए कि आज हम जो कह रहे हैं, कल उसके ठीक विपरीत बात कहने लगें।"