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अमेरिका में ग्रीन कार्ड प्राप्त करना हुआ कठिन, टैक्स नियमों में सख्ती

अमेरिका में स्थायी निवास का सपना देखने वाले विदेशी नागरिकों के लिए ग्रीन कार्ड प्राप्त करना अब और भी कठिन हो गया है। नए नियमों के तहत, टैक्स नियमों का पालन न करने पर आवेदन में बाधाएँ आ सकती हैं। यह सख्ती परिवार और रोजगार के आधार पर ग्रीन कार्ड के लिए आवेदन करने वालों को प्रभावित कर सकती है। जानें इस नीति के पीछे के कारण और इसके संभावित प्रभावों के बारे में।
 

अमेरिका में ग्रीन कार्ड के लिए नई चुनौतियाँ

वाशिंगटन। अमेरिका में स्थायी निवास का सपना देखने वाले विदेशी नागरिकों के लिए एक महत्वपूर्ण सूचना आई है। ग्रीन कार्ड प्राप्त करना अब पहले से अधिक चुनौतीपूर्ण हो सकता है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन के दौरान, संयुक्त राज्य अमेरिका नागरिकता और आव्रजन सेवाएँ (USCIS) ने टैक्स नियमों के अनुपालन को लेकर कड़े कदम उठाए हैं। नए नियमों के अनुसार, टैक्स रिटर्न न दाखिल करना, बकाया टैक्स का भुगतान न करना, और अधूरे टैक्स रिकॉर्ड ग्रीन कार्ड के लिए आवेदन में बाधा डाल सकते हैं।

वास्तव में, USCIS ने मई 2026 में जारी एक नीति ज्ञापन के तहत ग्रीन कार्ड के लिए आवेदकों की जांच को और विस्तृत किया है। अब अधिकारी केवल आवेदक की मूल पात्रता के साथ-साथ उसकी आर्थिक स्थिति और टैक्स नियमों के पालन पर भी ध्यान देंगे। इसके तहत आवेदक के सकारात्मक और नकारात्मक पहलुओं का मूल्यांकन किया जाएगा।

किसे हो सकती है समस्या?

इस सख्ती का प्रभाव परिवार के आधार पर और रोजगार के आधार पर ग्रीन कार्ड के लिए आवेदन करने वालों पर पड़ सकता है। यदि किसी आवेदक ने टैक्स रिटर्न नहीं भरा है या उस पर फेडरल, राज्य या स्थानीय टैक्स बकाया है, तो उसका आवेदन प्रभावित हो सकता है। इसके अलावा, किस्तों में टैक्स चुकाने वाले आवेदकों को भी अतिरिक्त जांच का सामना करना पड़ सकता है। अमेरिकी नागरिकों द्वारा अपने रिश्तेदारों को स्पॉन्सर करने के मामलों में भी टैक्स रिकॉर्ड महत्वपूर्ण होंगे।

अमेरिकी नागरिकता पर प्रभाव

यह ध्यान देने योग्य है कि इसका असर भविष्य में अमेरिकी नागरिकता प्राप्त करने की प्रक्रिया पर भी पड़ सकता है। नागरिकता के लिए आवेदन करने वालों को अच्छे नैतिक चरित्र (Good Moral Character) का प्रमाण देना आवश्यक होता है। ऐसे में टैक्स नियमों का पालन न करना उनके खिलाफ जा सकता है।

हालांकि, इस सख्त नीति के खिलाफ अमेरिका में कानूनी चुनौती भी दी गई है। वर्तमान में यह मामला न्यायालय में विचाराधीन है।