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अमेरिका में भारतीय पेशेवरों के लिए ग्रीन कार्ड प्राप्त करना हुआ कठिन

अमेरिका में भारतीय पेशेवरों के लिए ग्रीन कार्ड प्राप्त करना अब एक कठिन प्रक्रिया बन गई है। एक नई रिपोर्ट के अनुसार, यदि कोई भारतीय नागरिक जनवरी 2026 या उसके बाद आवेदन करता है, तो उसे EB-2 श्रेणी में 179 साल तक का इंतजार करना पड़ सकता है। जबकि चीनी नागरिकों के लिए यह अवधि केवल 25 साल है। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि भारतीय आवेदकों के लिए ग्रीन कार्ड बैकलॉग एक गंभीर समस्या बन चुका है, जिससे उनकी स्थिति और भी चुनौतीपूर्ण हो गई है।
 

ग्रीन कार्ड के लिए लंबा इंतजार

वॉशिंगटन: अमेरिका में कार्यरत भारतीय पेशेवरों के लिए स्थायी नागरिकता, जिसे ग्रीन कार्ड कहा जाता है, हासिल करना अब एक चुनौती बनता जा रहा है। नेशनल फाउंडेशन फॉर अमेरिकन पॉलिसी (NFAP) द्वारा जारी एक रिपोर्ट में बताया गया है कि यदि कोई भारतीय नागरिक जनवरी 2026 या उसके बाद रोजगार आधारित ग्रीन कार्ड के लिए आवेदन करता है, तो उसे कुछ श्रेणियों में 179 साल तक का इंतजार करना पड़ सकता है। वहीं, चीनी नागरिकों के लिए इसी श्रेणी में संभावित प्रतीक्षा अवधि लगभग 25 साल है।


रिपोर्ट में अमेरिकी नागरिकता एवं आव्रजन सेवा (USCIS) के आंकड़ों का विश्लेषण किया गया है, जिसमें रोजगार आधारित ग्रीन कार्ड की EB-1, EB-2 और EB-3 श्रेणियों में लंबित आवेदनों का आकलन किया गया है। भारतीय आवेदकों को इन तीनों श्रेणियों में सबसे अधिक समय तक इंतजार करना पड़ता है।


NFAP के अनुसार, जनवरी 2026 या उसके बाद EB-2 श्रेणी में आवेदन करने वाले भारतीयों के लिए संभावित प्रतीक्षा अवधि लगभग 179 साल हो सकती है। EB-3 श्रेणी में यह इंतजार करीब 38 साल और EB-1 में लगभग 4 से 5 साल तक हो सकता है।


हालांकि, रिपोर्ट में यह भी स्पष्ट किया गया है कि ये अनुमान मौजूदा बैकलॉग, उपलब्ध ग्रीन कार्ड और वर्तमान आव्रजन नियमों के आधार पर लगाए गए हैं। वास्तविक प्रतीक्षा अवधि भविष्य में कानून, आव्रजन नीति, ग्रीन कार्ड आवंटन और बैकलॉग में बदलाव के कारण भिन्न हो सकती है।


रिपोर्ट के अनुसार, रोजगार आधारित आव्रजन बैकलॉग में लगभग 10 लाख भारतीय फंसे हुए हैं। दिसंबर 2025 तक यह संख्या कुल रोजगार आधारित ग्रीन कार्ड बैकलॉग का लगभग 79 प्रतिशत थी। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि राष्ट्रीयता के आधार पर ग्रीन कार्ड आवंटन की मौजूदा व्यवस्था भारतीय आवेदकों पर चीनी और फिलिपिनो नागरिकों की तुलना में कहीं अधिक प्रभाव डालती है।


EB-1, EB-2 और EB-3 श्रेणियों में कुल बैकलॉग भी लगातार बढ़ता जा रहा है। दिसंबर 2025 तक यह लगभग 12.6 लाख तक पहुंच गया, जबकि अप्रैल 2020 में यह लगभग 10.5 लाख था। इस प्रकार, पिछले पांच वर्षों में बैकलॉग में लगभग 20.6 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।


अमेरिकी कानून के अनुसार, हर साल लगभग 1.40 लाख रोजगार आधारित ग्रीन कार्ड उपलब्ध होते हैं। इसके अलावा, किसी एक देश के नागरिकों को कुल रोजगार आधारित ग्रीन कार्ड का 7 प्रतिशत से अधिक देने पर भी सीमा लागू है। बड़ी संख्या में भारतीय पेशेवरों के अमेरिका में रोजगार आधारित आव्रजन के लिए आवेदन करने के कारण इस सीमा का सबसे अधिक प्रभाव भारतीय आवेदकों पर पड़ता है।


रोजगार आधारित ग्रीन कार्ड की श्रेणियाँ


EB-1: इसमें अपने क्षेत्र में असाधारण क्षमता रखने वाले लोग, प्रमुख शिक्षक-शोधकर्ता और बहुराष्ट्रीय कंपनियों के कुछ वरिष्ठ अधिकारी शामिल होते हैं।


EB-2: इस श्रेणी में उच्च शैक्षणिक योग्यता वाले पेशेवर और अपने क्षेत्र में विशेष योग्यता रखने वाले लोग आते हैं।


EB-3: इसमें स्नातक डिग्री वाले पेशेवरों के साथ-साथ कुशल और अन्य श्रेणी के कर्मचारी शामिल होते हैं।


NFAP के विश्लेषण में भारतीय और चीनी आवेदकों की प्रतीक्षा अवधि में बड़ा अंतर सामने आया है। EB-2 श्रेणी में भारतीयों के लिए संभावित इंतजार लगभग 179 साल है, जबकि चीनी नागरिकों के लिए यह करीब 25 साल है। EB-3 में भारतीयों के लिए अनुमानित इंतजार लगभग 38 साल है, जबकि चीन के नागरिकों के लिए यह करीब 7 साल है। EB-1 में भारतीयों के लिए संभावित प्रतीक्षा अवधि लगभग 4 से 5 साल बताई गई है।


रिपोर्ट के आंकड़े यह दर्शाते हैं कि अमेरिका में लंबे समय से काम कर रहे भारतीय पेशेवरों के लिए ग्रीन कार्ड का बैकलॉग एक गंभीर समस्या बन चुका है। विशेष रूप से EB-2 श्रेणी में भारतीय आवेदकों की स्थिति सबसे चुनौतीपूर्ण बनी हुई है।