अमेरिका में मिडटर्म चुनाव: ट्रंप की शक्ति पर असर डालने वाले नतीजे
मिडटर्म चुनाव का शांतिपूर्ण समापन
नई दिल्ली। अमेरिका में मिडटर्म चुनाव सफलतापूर्वक संपन्न हो गया है। भारतीय समयानुसार बुधवार की सुबह चुनाव परिणामों की घोषणा शुरू होगी। यह चुनाव राष्ट्रपति पद के लिए नहीं है, लेकिन इसका राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की राजनीतिक ताकत पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ेगा। यदि ट्रंप संसद के दोनों सदनों में बहुमत खो देते हैं, तो अगले दो वर्षों में वे बड़े निर्णय लेने में असमर्थ रहेंगे। मतदान से पहले, अमेरिका ने ईरान पर एक बार फिर से हमला किया।
ईरान पर हमले की जानकारी
मंगलवार को मिडटर्म चुनाव के लिए मतदान शुरू होने से पहले, सोमवार को अमेरिका ने ईरान के केश्म द्वीप पर हमला किया। इस हमले में कम से कम पांच शक्तिशाली विस्फोट हुए। इसके अलावा, बंदर लेंगेह शहर में भी विस्फोट की घटनाएं सामने आई हैं। अमेरिकी मीडिया के अनुसार, यह हमला अमेरिका द्वारा किया गया है, हालांकि ईरानी मीडिया ने इस पर कोई पुष्टि नहीं की है। ईरान ने अमेरिका के दो जासूसी ड्रोन को मार गिराने का दावा किया है।
चुनाव की संरचना
मिडटर्म चुनाव में अमेरिकी संसद के ऊपरी सदन, यानी सीनेट के एक तिहाई सदस्यों का चुनाव हुआ है। इसके साथ ही, निचले सदन, हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स के सभी सदस्यों का चुनाव भी हुआ है। इसके अलावा, कनेक्टिकट, इंडियाना, केंटकी, मेन, न्यू हैम्पशायर, न्यू जर्सी, न्यू यॉर्क और वर्जीनिया सहित 30 से अधिक राज्यों में गवर्नर के चुनाव के लिए भी मतदान हुआ है।
ट्रंप के कार्यकाल पर जनमत संग्रह
ये चुनाव राष्ट्रपति ट्रंप के कार्यकाल के दूसरे चरण के पहले दो वर्षों के कामकाज पर जनमत संग्रह के समान हैं। चुनाव से पूर्व किए गए कई सर्वेक्षणों में ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी की स्थिति कमजोर बताई गई है। राष्ट्रपति ट्रंप की लोकप्रियता में भी गिरावट आई है। वर्तमान में, कांग्रेस के दोनों सदनों में रिपब्लिकन पार्टी को मामूली बढ़त प्राप्त है। हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स की 435 सीटों में से 218 सीटें रिपब्लिकन के पास हैं, जबकि डेमोक्रेट्स के पास 214 सीटें हैं। सीनेट में, 100 सीटों में से 53 रिपब्लिकन और 47 डेमोक्रेट्स हैं।