अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस की पाकिस्तान यात्रा में भारत के प्रति विशेष लगाव
अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस की पाकिस्तान यात्रा के दौरान भारत के प्रति उनके विशेष लगाव का पता चला। उन्होंने अपने भारतीय ससुराल पक्ष की सराहना की और अमेरिका में आप्रवासियों के योगदान पर जोर दिया। वेंस ने नागरिकता की जिम्मेदारियों और आप्रवासन प्रणाली की चुनौतियों पर भी विचार साझा किए। उनकी यात्रा के अनुभव और भारत की संस्कृति के प्रति उनकी प्रशंसा ने इस मुद्दे को और भी महत्वपूर्ण बना दिया है।
Apr 15, 2026, 15:26 IST
भारत के प्रति जेडी वेंस का लगाव
हाल ही में अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस की पाकिस्तान यात्रा के दौरान इस्लामाबाद ने उन्हें प्रभावित करने की कोशिश की, लेकिन उनके दिल में भारत के प्रति गहरी भावना स्पष्ट रूप से दिखाई दी। यह भावना केवल राजनीतिक नहीं है, बल्कि व्यक्तिगत और पारिवारिक संबंधों से भी जुड़ी हुई है। वेंस ने अपने भारतीय मूल के ससुराल पक्ष की सराहना की है, खासकर उस समय जब अमेरिका में नागरिकता और आप्रवासन पर बहस चल रही है।
आप्रवासियों की भूमिका पर वेंस का बयान
मंगलवार को जॉर्जिया विश्वविद्यालय में आयोजित एक कार्यक्रम में वेंस ने अमेरिका में आप्रवासियों के योगदान को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि उनके ससुराल वाले भारत से आए हैं और उन्होंने अमेरिका के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। वेंस ने गर्व से कहा कि उनके ससुराल वाले अमेरिका के लिए उत्कृष्ट योगदानकर्ता रहे हैं।
आप्रवासन प्रणाली की चुनौतियां
कार्यक्रम के दौरान एक भारतीय मूल की युवती ने वेंस से सवाल किया कि उसके माता-पिता एचवनबी वीजा पर अमेरिका में रह रहे हैं, लेकिन ग्रीन कार्ड मिलने में देरी हो रही है। वेंस ने इस पर कहा कि एचवनबी प्रणाली में धोखाधड़ी की समस्या है, लेकिन उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि कई आप्रवासी अमेरिका को समृद्ध कर रहे हैं।
नागरिकता की जिम्मेदारियों पर जोर
वेंस ने नागरिकता के साथ आने वाली जिम्मेदारियों पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि नागरिकों को अपने मूल देश के हितों से ऊपर उठकर अमेरिका के हित में सोचना चाहिए। उन्होंने अपने ससुर का उदाहरण देते हुए कहा कि उन्होंने कभी भी अपने मूल देश के हितों को प्राथमिकता नहीं दी।
भारत यात्रा का अनुभव
जेडी वेंस और उनकी पत्नी उषा वेंस ने पिछले साल अप्रैल में भारत का दौरा किया था, जहां उन्होंने ताजमहल और अक्षरधाम मंदिर जैसे स्थलों का अनुभव किया। इस यात्रा के दौरान वेंस ने भारत की जमकर सराहना की और इसे "अनंत संभावनाओं" वाला देश बताया। उषा वेंस ने इसे "जीवन की यादगार यात्रा" कहा, जिसमें उनके बच्चों ने भारतीय संस्कृति का अनुभव किया।
आप्रवासन नीति की जटिलताएं
हाल के आंकड़ों के अनुसार, अमेरिका में हिरासत में रखे गए लोगों की संख्या जनवरी में 70,000 से अधिक हो गई, जो पिछले 23 वर्षों में सबसे अधिक है। यह स्थिति आप्रवासन नीति में जटिलताओं को दर्शाती है।
आप्रवासन पर बहस
इस घटनाक्रम से यह स्पष्ट होता है कि अमेरिका में आप्रवासन एक जटिल मुद्दा है। वेंस का बयान इस संतुलन को दर्शाता है, जिसमें उन्होंने प्रणाली की खामियों और आप्रवासियों के योगदान दोनों पर ध्यान केंद्रित किया। यह बहस केवल नीतियों तक सीमित नहीं है, बल्कि पहचान और जिम्मेदारी जैसे व्यापक विषयों से भी जुड़ी हुई है।