अमेरिकी रक्षा मंत्री पर ईरान युद्ध के बीच गंभीर आरोप
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव
वॉशिंगटन: अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे गंभीर संघर्ष के बीच एक चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। हाल ही में एक रिपोर्ट में यह दावा किया गया है कि अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ के एक ब्रोकर ने ईरान पर सैन्य कार्रवाई शुरू होने से कुछ हफ्ते पहले एक बड़े रक्षा फंड में करोड़ों डॉलर का निवेश करने का प्रयास किया था। इस खुलासे ने अमेरिकी राजनीतिक और रक्षा समुदाय में हलचल मचा दी है, जबकि पेंटागन ने इन आरोपों को पूरी तरह से खारिज कर दिया है।
पेंटागन का कड़ा जवाब
पेंटागन ने इस मामले पर तुरंत प्रतिक्रिया देते हुए इसे झूठा और मनगढ़ंत बताया है। मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि न तो रक्षा मंत्री हेगसेथ और न ही उनके किसी प्रतिनिधि ने इस तरह के निवेश के लिए ब्लैक रॉक नामक कंपनी से संपर्क किया है। पेंटागन ने इसे जनता को गुमराह करने और रक्षा मंत्री की छवि को नुकसान पहुंचाने का प्रयास बताया है।
निवेश का विवाद
इस विवाद की जड़ बनी रिपोर्ट में कहा गया है कि मॉर्गन स्टेनली में हेगसेथ के एक ब्रोकर ने फरवरी में ब्लैक रॉक से संपर्क किया था। यह संपर्क डिफेंस इंडस्ट्रियल्स एक्टिव ईटीएफ (IDEF) में एक बड़ी हिस्सेदारी खरीदने के लिए किया गया था। ब्लैक रॉक, जो 1988 में स्थापित हुई थी, एक प्रमुख अमेरिकी निवेश कंपनी है।
IDEF फंड का महत्व
IDEF फंड मुख्य रूप से रक्षा क्षेत्र की कंपनियों में निवेश करता है और इसका ट्रेडिंग टिकर Nasdaq पर IDEF है। यह 3.2 बिलियन डॉलर का एक बड़ा इक्विटी फंड है, जिसमें प्रमुख रक्षा कंपनियों जैसे आरटीएक्स, लॉकहीड मार्टिन और नॉर्थ्रॉप ग्रुम्मन शामिल हैं। दिलचस्प बात यह है कि इन कंपनियों का सबसे बड़ा ग्राहक अमेरिकी रक्षा विभाग है। पिछले एक साल में इस फंड में 28 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, लेकिन पिछले महीने में इसमें 13 प्रतिशत की गिरावट भी आई है। रिपोर्ट के अनुसार, यह करोड़ों का लेन-देन प्रशासनिक कारणों से पूरा नहीं हो सका।
ईरान के साथ युद्ध की स्थिति
यह गंभीर आरोप उस समय सामने आए हैं जब अमेरिका और ईरान के बीच सीधा युद्ध चल रहा है। पीट हेगसेथ, जो अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की राष्ट्रीय सुरक्षा टीम के एक महत्वपूर्ण सदस्य हैं, ने ईरान के खिलाफ सख्त सैन्य कार्रवाई का समर्थन किया है। अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच यह संघर्ष अब 30 दिन से अधिक समय से जारी है। 28 फरवरी को अमेरिका और इजराइल के एक संयुक्त ऑपरेशन से इस युद्ध की शुरुआत हुई थी।