अमेरिकी सांसदों ने मंदिर पर हमले की साजिश की निंदा की
अमेरिका में बढ़ते पूर्वाग्रहों के खिलाफ आवाज़
(योषिता सिंह) न्यूयॉर्क, 16 अक्टूबर - अमेरिकी सांसदों, नेताओं और नागरिक समाज के प्रतिनिधियों ने इलिनॉय राज्य में एक मंदिर पर हमले की योजना की कड़ी निंदा की है। उन्होंने अमेरिका में बढ़ते भारत-विरोधी और हिंदू-विरोधी पूर्वाग्रहों से निपटने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की। अधिकारियों के अनुसार, ऑरोरा क्षेत्र के एक मंदिर में बड़े पैमाने पर गोलीबारी करने की कोशिश के आरोप में 19 वर्षीय एलेक्जेंड्रोस पापोरकिस को 11 अक्टूबर को गिरफ्तार किया गया था। मंदिर के बाहर उसकी राइफल जाम हो गई, जिससे हमला विफल हो गया और वह अपने घर लौट गया।
सांसदों की प्रतिक्रिया
अमेरिकी सांसदों ने कहा कि देश में कट्टरपंथी विचारधारा के लिए कोई स्थान नहीं है। भारतीय-अमेरिकी सांसद राजा कृष्णमूर्ति ने कहा कि जब आरोपी ने हमले की कोशिश की, तब वह और उनका परिवार मंदिर में मौजूद थे। उन्होंने कहा, "मैं इस बात से स्तब्ध हूं कि नस्लीय सोच में विश्वास रखने वाले एक व्यक्ति ने ऑरोरा स्थित उस मंदिर में भारतीय मूल के अमेरिकियों को निशाना बनाकर बड़े पैमाने पर गोलीबारी करने की कोशिश की।"
कृष्णमूर्ति ने यह भी कहा कि इस तरह की हिंसा का खतरा दर्शाता है कि भारत के खिलाफ घृणा और नस्लीय सोच कितनी खतरनाक हो गई है। उन्होंने कहा, "हमें निर्दोष लोगों के मारे जाने का इंतजार नहीं करना चाहिए।"
सांसद ब्रैड शर्मन ने भारत-विरोधी पूर्वाग्रह से निपटने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा, "देशभर में फैल रही भारत-विरोधी और हिंदू-विरोधी सोच से मैं बेहद आहत हूं।"
सुरक्षा और धार्मिक स्वतंत्रता की आवश्यकता
न्यूयॉर्क के सीनेटर चक शूमर ने कहा कि ऑरोरा के मंदिर में गोलीबारी की एक श्वेत वर्चस्ववादी की कथित कोशिश से वह चिंतित हैं। उन्होंने कहा, "अमेरिका में भारत-विरोधी और हिंदू-विरोधी बयानबाजी चिंताजनक स्तर पर पहुंच चुकी है।"
सांसद अमी बेरा ने कहा कि उन्हें गहरा आघात लगा कि जब एक श्वेत वर्चस्ववादी ने भारतीय-अमेरिकियों को निशाना बनाकर गोलीबारी करने का प्रयास किया, तब कृष्णमूर्ति और उनका परिवार वहां पूजा कर रहा था।
भारतीय-अमेरिकी सांसद श्री थानेदार ने कहा कि संसद को हिंदू-विरोधी हमलों में हो रही खतरनाक वृद्धि के खिलाफ लड़ना चाहिए।
घृणा के खिलाफ एकजुटता
सांसद निक लालोटा ने हिंदू-अमेरिकियों पर हमले की कथित साजिश को "घोर पाप" करार दिया। उन्होंने कहा, "अमेरिका में हिंदू-विरोधी सोच के लिए कोई जगह नहीं है।"
शिकागो में इजराइल के महावाणिज्य दूत एलेड स्ट्रोहमयर ने ऑरोरा में मंदिर को निशाना बनाने की कथित साजिश की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा, "इलिनॉय के हिंदू समुदाय को हम यह भरोसा दिलाना चाहते हैं कि हम उनके साथ मजबूती से खड़े हैं।"
‘साउथ एशियंस फॉर अमेरिका’ (एसएएफए) संगठन ने मंदिर में भीड़ को निशाना बनाकर गोलीबारी करने की कथित साजिश की कड़ी निंदा की।