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अमेरिकी सीनेटर ने पाकिस्तान की दोहरी नीति पर उठाए सवाल

अमेरिकी सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने पाकिस्तान की दोहरी नीति पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है, जब उन्होंने ईरानी सैन्य विमानों के पाकिस्तान में मौजूदगी के बारे में सवाल उठाए। ग्राहम ने स्पष्ट किया कि वह पाकिस्तान पर भरोसा नहीं करते, जिससे यह संकेत मिलता है कि अमेरिका में पाकिस्तान की विश्वसनीयता कम हो रही है। इस लेख में जानें कि ग्राहम ने क्या कहा और पाकिस्तान की प्रतिक्रिया क्या रही।
 

पाकिस्तान की दोहरी चाल पर उठे सवाल

पाकिस्तान का असली चेहरा अब दुनिया के सामने आ रहा है, जहां वह शांति और मध्यस्थता का दिखावा कर रहा है, लेकिन पर्दे के पीछे उसकी पुरानी चालें जारी हैं। अमेरिका में भी इस पर सवाल उठने लगे हैं। रिपब्लिकन सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने पाकिस्तान को एक ऐसी फटकार लगाई है जिसे वह कभी नहीं भूल पाएगा। अमेरिकी संसद में हुई सुनवाई के दौरान, ग्राहम ने सीधा सवाल किया कि यदि पाकिस्तान वास्तव में अमेरिका और ईरान के बीच निष्पक्ष मध्यस्थ है, तो फिर वह ईरानी सैन्य विमानों को अपने एयरबेस पर क्यों जगह दे रहा है? रिपोर्ट्स के अनुसार, ट्रंप द्वारा सीज फायर की घोषणा के बाद, कुछ ईरानी सैन्य विमान पाकिस्तान के नूरखान एयरबेस पर उतरे थे, जिसमें एक RC130 विमान भी शामिल था, जो जासूसी और निगरानी के लिए उपयोग किया जाता है। ग्राहम ने अमेरिकी रक्षा अधिकारियों से पूछा कि क्या उन्हें इन रिपोर्ट्स की जानकारी है, जिसका जवाब मिला कि एक रिपोर्ट देखी गई है। लेकिन जैसे ही ग्राहम ने पूछा कि क्या यह सच है?


पाकिस्तान की विश्वसनीयता पर सवाल

अगर यह सच है, तो क्या पाकिस्तान को निष्पक्ष मध्यस्थ माना जा सकता है? इस पर वहां बैठे अधिकारियों ने गोलमोल जवाब दिए, जिससे ग्राहम और भड़क गए। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि वह पाकिस्तान पर भरोसा नहीं करते। इससे यह स्पष्ट होता है कि अमेरिका के बड़े नेताओं के बीच पाकिस्तान की विश्वसनीयता लगभग समाप्त हो चुकी है। इब्राहिम ने कहा कि यदि पाकिस्तान वास्तव में ईरानी विमानों को अपनी जमीन पर छिपा रहा है, तो अमेरिका को तुरंत किसी अन्य मध्यस्थ की तलाश करनी चाहिए। उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा कि अब समझ में आता है कि बातचीत आगे क्यों नहीं बढ़ रही। पाकिस्तान का असली चेहरा यही है, एक तरफ शांति का संदेश देना और दूसरी तरफ आतंकियों को मदद करना। कभी अमेरिका से अरबों डॉलर की मदद लेना, कभी चीन के इशारों पर चलना और अब ईरान के साथ खड़े होने का खेल खेलना।


पाकिस्तान की प्रतिक्रिया

पाकिस्तान ने हमेशा की तरह इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि ईरानी विमानों की मौजूदगी केवल राजनयिक और लॉजिस्टिक सहयोग का हिस्सा थी। लेकिन सवाल यह है कि यदि सब कुछ सामान्य था, तो फिर इतने सवाल क्यों उठ रहे हैं? दुनिया अब पाकिस्तान की चाल समझ चुकी है। आतंकवाद के मुद्दे पर पहले ही उसकी छवि खराब थी और अब अमेरिका में भी उसकी दोहरी नीति पर सवाल उठ रहे हैं।


सीनेटर ग्राहम का बयान