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अमेरिकी सेना ने सेंट किट्स के जहाज को किया निष्क्रिय, ईरान पर बढ़ा तनाव

अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने एक सेंट किट्स के झंडे वाले जहाज को निष्क्रिय कर दिया है, जिसके बाद ईरान के खिलाफ तनाव बढ़ गया है। यह कार्रवाई तब हुई जब जहाज ने चेतावनियों का पालन नहीं किया। राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान पर सीमित हमलों की पुष्टि की है, जिससे क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है। जानें इस घटनाक्रम के पीछे की पूरी कहानी और इसके संभावित प्रभाव।
 

अमेरिकी सेंट्रल कमांड की कार्रवाई

यरुशलम, आठ नवंबर (एपी) अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने शनिवार की रात एक सेंट किट्स के झंडे वाले जहाज को निष्क्रिय करने की जानकारी दी। कमांड का कहना है कि जहाज ने कई चेतावनियों के बावजूद निर्देशों का पालन नहीं किया और ईरान के एक बंदरगाह पर रुकने के बाद क्षेत्र से बाहर निकलने का प्रयास किया। पिछले कुछ महीनों से अमेरिकी सेना होर्मुज जलडमरूमध्य और उसके आसपास ईरान की समुद्री नाकेबंदी को लागू कर रही है।


यह जलमार्ग तेल और अन्य वस्तुओं की समुद्री आवाजाही के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। अमेरिकी सेना द्वारा किसी मालवाहक जहाज पर किया गया आखिरी पुष्ट हमला लगभग एक महीने पहले ओमान की खाड़ी में हुआ था। शनिवार को इस कार्रवाई की जानकारी ऐसे समय में आई है जब अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने क्षेत्र में की गई कुछ सैन्य कार्रवाइयों की जानकारी पहले सार्वजनिक नहीं की थी।


स्थानीय विस्फोटों की खबरों पर कमांड के अधिकारियों ने हमलों की पुष्टि करने से इनकार कर दिया। ईरान के सरकारी मीडिया ने भी शनिवार शाम को होर्मुज जलडमरूमध्य में स्थित केश्म द्वीप पर विस्फोटों की आवाजें सुनाई देने की सूचना दी। इसके अलावा, जास्क बंदरगाह पर भी कई विस्फोटों की खबर आई है।


हालांकि, इन विस्फोटों के कारणों का तत्काल पता नहीं चल सका। अमेरिकी सेना ने इस संबंध में पूछे गए सवालों का तुरंत जवाब नहीं दिया। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को कहा था कि अमेरिकी सेना ने ईरान पर नए सीमित हमले किए हैं और एक ईरानी वायु रक्षा प्रणाली को निशाना बनाया है।


ट्रंप ने इस सैन्य कार्रवाई को मामूली बताया था। हालांकि, ट्रंप द्वारा हमलों की पुष्टि के बाद भी अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने इस पर कोई टिप्पणी नहीं की। पिछले कुछ हफ्तों से ट्रंप यह कह रहे हैं कि वह अमेरिका के मध्यावधि चुनावों के बाद ईरान पर हमलों का एक नया दौर शुरू करने पर विचार कर रहे हैं।


इस स्थिति में पश्चिम एशिया और अन्य क्षेत्रों में अमेरिका द्वारा ईरान के खिलाफ बड़े पैमाने पर सैन्य अभियान फिर से शुरू करने की आशंका को लेकर तनाव बना हुआ है।