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अयोध्या ट्रस्ट में बड़ा बदलाव: महंत गोविंद देव गिरि बने महासचिव, जीतेंद्र मिश्रा पहले सीईओ

अयोध्या के श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में हाल ही में महत्वपूर्ण बदलाव हुए हैं। महंत गोविंद देव गिरि को ट्रस्ट का नया महासचिव और एयर मार्शल रिटायर्ड जीतेंद्र मिश्रा को पहला सीईओ नियुक्त किया गया है। इस बैठक में नए ट्रस्टियों की नियुक्ति और ट्रस्ट के वित्तीय स्थिति पर भी चर्चा की गई। जानें इस बदलाव के पीछे की कहानी और ट्रस्ट के भविष्य की योजनाएं।
 

महंत गोविंद देव गिरि की नई भूमिका


नई दिल्ली: अयोध्या के श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में हाल ही में महत्वपूर्ण बदलाव हुए हैं। चढ़ावे की चोरी के विवाद के चलते हुई तीसरी बैठक में कई नए सदस्यों को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। महंत गोविंद देव गिरि को चंपत राय की जगह ट्रस्ट का नया महासचिव नियुक्त किया गया है, जबकि एयर मार्शल रिटायर्ड जीतेंद्र मिश्रा को ट्रस्ट का पहला सीईओ बनाया गया है।


ट्रस्ट को मिला पहला सीईओ

बैठक के निर्णयों की जानकारी देते हुए ट्रस्ट के अंतरिम महासचिव कृष्ण मोहन ने बताया कि सीईओ पद के लिए कुल 5,585 आवेदन प्राप्त हुए थे। जस्टिस प्रमोद कोहली की अध्यक्षता में बनी सर्च कमेटी, जिसमें लेफ्टिनेंट जनरल वीके चतुर्वेदी और पूर्व वैज्ञानिक सुरेश हवारे शामिल थे, ने तीन नामों को शॉर्टलिस्ट किया।


मंगलवार को कमेटी ने अपनी अंतिम रिपोर्ट तत्कालीन कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि को सौंपी। समिति के सचिव समीर पंडा के अनुसार, नेतृत्व क्षमता, प्रबंधन विशेषज्ञता और ईमानदारी जैसे मानकों के आधार पर तीन योग्य पेशेवरों की सिफारिश की गई, जिनमें से जीतेंद्र मिश्रा का चयन किया गया।


सूत्रों के अनुसार, मिश्रा को ऑपरेशन सिंदूर में उनकी भूमिका के लिए सर्वोत्तम युद्ध सेवा मेडल से सम्मानित किया गया था। 6 दिसंबर 1986 को वायु सेना में शामिल हुए फाइटर पायलट मिश्रा ने 39 साल से अधिक सेवा दी है।


गोविंद देव गिरि बने महासचिव, भागचंदका को खजाना

कृष्ण मोहन ने बताया कि 6 जुलाई को उन्हें अंतरिम महासचिव बनाया गया था। अब नियमित महासचिव के रूप में ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष रहे महंत गोविंद देव गिरि को नियुक्त किया गया है।


वहीं, कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी अब नए ट्रस्टी महेश भागचंदका संभालेंगे। नवनियुक्त महासचिव गिरि ने कहा कि सीईओ के कार्यों के लिए जल्द ही मानक संचालन प्रक्रियाएं (SOP) तैयार की जाएंगी, जिसमें उनके कर्तव्यों का पूरा विवरण होगा।


तीन नए ट्रस्टी और 1882 करोड़ का हिसाब

बैठक में तीन नए ट्रस्टियों को भी शामिल किया गया। अयोध्या के मदन मोहन पांडेय, दिल्ली के महेश भागचंदका और शिकोहाबाद की डॉक्टर निर्मला यादव को ट्रस्ट में नया ट्रस्टी बनाया गया है।


बैठक में आंतरिक ऑडिट के लेखे भी पेश हुए। वित्त वर्ष 2025-26 में ट्रस्ट को 237 करोड़ की आय हुई और 91 करोड़ का खर्च हुआ। निर्माण कार्यों पर 425 करोड़ का पूंजीगत व्यय हुआ है।


31 मार्च 2026 तक ट्रस्ट के पास कुल उपलब्ध धनराशि 1882 करोड़ रुपये थी, जिसे न्यासी मंडल ने अनुमोदित कर दिया है। यह बैठक राम मंदिर में कथित चढ़ावे चोरी मामले के विवाद के बाद की तीसरी बैठक थी, जिसमें संगठन को अधिक पारदर्शी और पेशेवर बनाने पर जोर दिया गया।