×

अरविंद केजरीवाल का जंतर-मंतर पर सोनम वांगचुक के समर्थन में प्रदर्शन

दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने जंतर-मंतर पर सोनम वांगचुक के समर्थन में प्रदर्शन किया। उन्होंने केंद्र सरकार से वांगचुक को नया शिक्षा मंत्री बनाने की मांग की और चेतावनी दी कि यदि युवाओं की आवाज को नजरअंदाज किया गया, तो बीजेपी का हाल भी 2014 में कांग्रेस जैसा होगा। केजरीवाल ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की भी मांग की। जानें इस महत्वपूर्ण राजनीतिक घटनाक्रम के बारे में।
 

केजरीवाल का अचानक जंतर-मंतर दौरा

नई दिल्ली: दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता अरविंद केजरीवाल ने गुरुवार शाम को जंतर-मंतर पर पहुंचकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के आंदोलन का समर्थन किया। इस दौरान उन्होंने भूख हड़ताल पर बैठे प्रसिद्ध शिक्षाविद् सोनम वांगचुक को न केवल सलाम किया, बल्कि केंद्र सरकार से उन्हें नया शिक्षा मंत्री बनाने की मांग भी की। केजरीवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि युवाओं की आवाज को नजरअंदाज किया गया, तो बीजेपी का हाल भी 2014 में कांग्रेस जैसा होगा।


सोनम वांगचुक के प्रति सम्मान

जंतर-मंतर पर पहुंचते ही केजरीवाल ने पहले सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके को गले लगाया। इसके बाद उन्होंने सोनम वांगचुक के पास जाकर उनसे बातचीत की। इस मौके पर राज्यसभा सांसद संजय सिंह और दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज भी उनके साथ थे। केजरीवाल ने वांगचुक के जज्बे की सराहना करते हुए कहा कि वह अपने व्यक्तिगत स्वार्थ के लिए नहीं, बल्कि देश के युवाओं के भविष्य के लिए अनशन कर रहे हैं।


सरकार को चेतावनी

आम आदमी पार्टी के प्रमुख ने मंच से अन्ना हजारे के ऐतिहासिक अनशन का भी जिक्र किया और केंद्र सरकार पर तीखा हमला किया। उन्होंने कहा कि सरकार को युवाओं और वांगचुक की मांगों को तुरंत सुनना चाहिए। केजरीवाल ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने युवाओं की अनदेखी जारी रखी, तो तीन साल बाद उनका भी वही हाल होगा जो 2014 में कांग्रेस का हुआ था।


शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग

नीट पेपर लीक विवाद और शिक्षा व्यवस्था की समस्याओं को लेकर धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए केजरीवाल ने एक बड़ा प्रस्ताव रखा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी को चाहिए कि वह धर्मेंद्र प्रधान को तुरंत इस्तीफा देने के लिए कहें या उन्हें पद से हटा दें। उनकी जगह सोनम वांगचुक को नया केंद्रीय शिक्षा मंत्री बनाया जाना चाहिए। केजरीवाल ने कहा कि देश की शिक्षा व्यवस्था में बदलाव के लिए एक क्रांति की आवश्यकता है, और यह बदलाव केवल वांगचुक जैसे क्रांतिकारी नेता ही कर सकते हैं।